टोडाभीम.
यहां कमालपुर में निर्दयतापूर्वक फरियादी को पीटने के बाद एसडीओ को अब डर सता रहा है। गुरुवार को आमजन ने एकजुट होकर उसके खिलाफ प्रदर्शन किया। पुतले फूंके गए...
क्यों फूंके पुतले और क्यों विरोध प्रदर्शन?
2 दिन पहले न्याय आपके द्वार शिविर में सब डिविजन आॅफिसर (SDO) जगदीश आर्य द्वारा एक व्यक्ति निर्ममता से पिटाई के बाद आमजन में आक्रोश व्याप्त हुआ है। गुरुवार को आर्य जब दूसरे न्याय आपके द्वार शिविर में पहुंचे तो भीड़ ने उन्हें पकड़कर कमरे में मूंद दिया। उस पर कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी की और झड़प में पथराव भी हुआ।
कुछ देर बाद सूचना पर पहुंची पुलिस ने ताला तोड़कर एसडीओ को मुक्त कराया। हालांकि, भीड़ को गुस्से में देख आरोपित एसडीओ और उसका साथी बीडीओ दोनों दुबक छुपकर वहां से चलते बने।
वीडियो वायरल होने पर सामने आया मामला
बता दें कि पत्रिका जर्नलिस्ट्स ने टोडाभीम तहसील में धमान के अटल सेवा केन्द्र से वीडियो लाइव किया। इसके दो दिन पूर्व कमालपुरा गांव में जगदीश आर्य ने एक ग्रामीण से किसी मुद्दे पर हुई कहासुनी के दौरान निर्दयता से पीटा था। वह पीड़ित प्रकाशचंद था। वीडियो में साफ दिख रहा था कि प्रकाशचंद को एसडीओ और उसके साथ गिरेंबा पकडकर जमीन पर पटकर रहे हैं और लात—घूंसे मार रहे हैं।
बारी-बारी से उसके मुंह पर डुक्कर और थप्पड भी मारे। आर्य के अलावा बीडीओ नाहर सिंह ने भी धक्का-मुक्की की थी। यह वीडियो पत्रिका के हाथ लगा तो आमजन की संवेदनाएं जाग उठीं। एकजुट होकर गांववाले एसडीएम और बीडीओ के खिलाफ शिकायत करने पहुंचे। भारी विरोध के बाद मामला दर्ज हुआ।
पुतला फूंका और नारे लगाए
टोडाभीम. फरियादी से मारपीट के बाद सूबे में कई जगहों पर विरोध बढ़ता जा रहा है। कस्बे में लोगों ने भारी संख्या में एकजुट होकर प्रदर्शन किया। एसडीओ का पुतला फूंका और नारे लगाए। बाजार बंद कर दिया गया।
विधायक आमजन के साथ आया
क्षेत्रीय विधायक घनश्याम महर ने कहा कि बुधवार को दिए गए धरने के दौरान वार्ता के लिए पहुंचे हिण्डौन पुलिस उपाधीक्षक मनजीत सिंह ने एसडीओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए एक दिन की मोहलत देने की बात कही थी, लेकिन दो दिन बाद भी कार्रवाई नहीं की गई है।
कार्रवाई नहीं होने से लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है।





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