सूरतगढ़ थर्मल। किसान आंदोलन के चौथे दिन भी नेशनल हाइवे संख्या 62 पर कई स्थानों पर किसानों द्वारा सुबह सवेरे फल-सब्जी एवम दूध की आपूर्ति रोकी गई। जिन्हें बाद में पुलिस ने समझाईश के बाद शांत किया। मिली जानकारी के अनुसान किसान आंदोलन के चलते राजियासर के किसानो ने सोमवार सुबह साढे आठ बजे के करीब सूरतगढ़ से अर्जुनसर की तरफ सब्जी ले जा रही पिकअप का पीछा कर नेशनल हाइवे 62 के प्रेमनगर बस स्टैंड के पास रुकवाकर खाली करवा दिया।
वहीं कुछ आक्रोशित किसानों ने सब्जी सड़क पर बिखेर दी। किसानों के प्रदर्शन की खबर मिलते ही रजियासर पुलिस ने मौके पर पहुँचकर किसानों को शांत किया। इसके अलावा सूरतगढ़ से 10 किमी दूर बीकानेर रोड़ स्थित पिपेरण में सोमवार को भी किसानो द्वारा फल, सब्जी के वाहनों को रोके जाने के की खबरों के चलते थर्मल सहित टिब्बा क्षेत्र के गांवो में बेचने हेतु सब्जियां लाने वाले दुकानदारों ने राष्ट्रीय राजमार्ग की बजाय कच्चे रास्तो से सब्जियों का परिवहन किया।
एक मुरबा बाड़ जल गई
सूरतगढ़ थर्मल। सूरतगढ़ तापीय परियोजना के निकटवर्ती गांव सोमासर के नजदीक ठेठार जीएसएस को जाने वाली 33 केवी लाइन टूट कर गिरने से करीब डेढ़ दर्जन गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। वहीँ तारो से हुये शॉर्ट सर्किट से एक खेत की कई बीघा बाड़ भी जल गई।
मिली जानकारी के अनुसार रविवार रात्रि 9 बजे के करीब सोमासर गौशाला के नजदीक ठेठार जीएसएस को जाने वाली 33 केवी लाइन टूट कर गिरने से किसान प्रेमचंद सहारण के खेत की करीब एक मुरबा बाड़ जल गई।
वहीं ठेठार जीएसएस से जुड़े सरदारपुरा खर्ता, कानौर, ठेठार सहित आस पास के डेढ़ दर्दजन से अधिक गांवो एवम चको की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। ठेठार सरपंच अमीचन्द कुलड़िया ने बताया कि टिब्बा क्षेत्र के गांवो में अक्सर बिजली आपूर्ति ठप रहती है। अघोषित विद्युत कटौती से ग्रामीणो को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।





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