ज्योतिष पं. गुलशन अग्रवाल
राष्ट्रीय मिति आषाढ़ 11 शक संवत् 1940 आषाढ़ कृष्ण चतुर्थी सोमवार विक्रम संवत् 2075। सौर आषाढ़ मास प्रविष्टे 18 शव्वाल 17 हिजरी 1439 तदनुसार अंग्रेजी तारीख 02 जुलाई सन् 2018 ई० । दक्षिणायन, वर्षा ऋतु।
राहुकाल प्रातः 07 बजकर 30 मिनट से 09 बजे तक चतुर्थी तिथि रात्रि 08 बजकर 21 मिनट तक उपरान्त पंचमी तिथि का आरंभ, धनिष्ठा नक्षत्र अर्धरात्रोत्तर 12 बजकर 35 मिनट तक उपरान्त शतभिषा नक्षत्र का आरंभ, विष्कुम्भ योग प्रातः 05 बजकर 46 मिनट तक उपरान्त प्रीति योग का आरंभ, बव करण प्रातः 07 बजकर 08 मिनट तक उपरान्त कौलव करण का आरंभ।
आज के मुहर्त- अनुकूल समय में पश्चिम दिशा की व्यवसायिक यात्रा करने के लिए शुभ मुहूर्त है।
चन्द्रमा पूर्वाह्न 11 बजकर 08 मिनट तक मकर उपरान्त कुम्भ राशि पर संचार करेगा। आज ही पंचक प्रारम्भ पूर्वाह्न 11 बजकर 08 मिनट।
आज जन्में बच्चे
आज जन्म लिए बच्चों के नाम (गी, गू, गे, गो) अक्षरों पर रख सकते है। आज जन्म लिए बच्चे शरीर से सुन्दर होंगे। इनका जीवन संघर्ष में बितेगा। जनसमाज व देशप्रेम की भावना रहेगी। महत्वकांक्षी व धनबल से मजबुत होंगे। सेवाभावी भी होंगे।
पंचांग क्या है
पंचांग या पंचागम् हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से 5 अव्यवों का गठन होता है, अर्थात् तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग मुख्य रूप से सूर्य और चन्द्रमा की गति को दर्शाता है। हिन्दू धर्म में हिन्दी पंचांग के परामर्श के बिना शुभ कार्य जैसे शादी, नागरिक सम्बन्ध, महत्वपूर्ण कार्यक्रम, उद्घाटन समारोह, परीक्षा, साक्षात्कार, नया व्यवसाय या अन्य किसी तरह के शुभ कार्य नहीं किये जाते ।जैसा कि प्राचीन समय से बताया गया है कि हर क्रिया के विपरीत प्रतिक्रिया होती है। इसी तरह जब कोई व्यक्ति पर्यावरण के अनुरूप कार्य करता है तो पर्यावरण प्रत्येक व्यक्ति के साथ समान तरीके से कार्य करता है। एक शुभ कार्य प्रारम्भ करने से पहले महत्वपूर्ण तिथि का चयन करने में हिन्दू पंचांग मुख्य भूमिका निभाता है। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चन्द्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है। संक्षेप में पंचांग एक शुभ दिन, तारीख और समय पे शुभ कार्य आरंभ करने और किसी भी तरह के नकारात्मक प्रभाव को नष्ट करने का विचार प्रदान करता है।





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