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कृषि कल्याण अभियान में देश के 115 जिलों में जैसलमेर शामिल, किसानों को देंगे यह प्रशिक्षण

जैसलमेर .किसानों की उपज बढ़ाने तथा उन्नत खेती के लिए केंद्र सरकार के कृषि कल्याण अभियान में देशभर के 115 जिलों में जैसलमेर को भी शामिल किया गया है। इसके तहत जिले के 25 गांवों में किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसी को लेकर पारेवर गांव में शुक्रवार को कृषि विज्ञान केेंद्र व कृषि विभाग की ओर से कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ।। यहां करीब 80 किसानों को खरीफ फसल की बुवाई, खाद, व बीमारी में उपचार की जानकारी दी। वहीं पशुपालकों को विभिन्न बीमारियों व उनके उपचार के संबंध में बताया।

ऑर्गेनिक कार्बन की न्यूनतम मात्रा भी नहीं
कार्यक्रम के दौरान किसानों को सोयल मृदा हैल्थ कार्ड बांटे गए। उद्यान वैज्ञानिक चंद्रप्रकाश मीणा व शस्य वैज्ञानिक डॉ. रणवीर कुमार यादव ने बताया कि यहां की जमीन में ऑर्गेनिक कार्बन की न्यूनतम मात्रा भी उपलब्ध नहीं है। वहीं किसान रासायनिक खाद पर ही अपना जोर रखते हैं। इससे धीरे-धीरे खेत की उर्वरकता, उपज की पोष्टिकता व उत्पादन घट जाता है।

सरकार करेगी सहायता, गांव से 20 लोगों का चयन
पशुओं की खाद के सही उपयोग से ऑर्गेनिक कार्बन की पूर्ति हो सकती है। खाद को गए गड्ढे में डाल कर उसे बंद कर दें। इसका 2 से 3 माह बाद उपयोग से जमीन के पोषक तत्वों की पूर्ति के साथ खरपतवार की समस्या भी कम होगी। इसके लिए सरकार चयनित प्रत्येक गांव से 20 लोगों को 7 हजार रुपए तक सहायता भी करेगी।

ढेंचा घास बेहतर विकल्प
उद्यानिक वै. सीपी मीणा ने बताया कि फसल से पहले खेत में ढेंचा घास की बुवाई कर दें। इसके फूल आने से पहले पौधों पर तवी चलाकर रेत में दबा दें। कुछ समय बाद वह मिट्टी में मिल जाएगा। इससे जमीन में खाद कम देनी पड़ेगी।

अजोला घास पशुओं को करता है पुष्ट
कार्यक्रम में पशु वैज्ञानिक डॉ. शंकरलाल ने बताया कि पशुओं में पौष्टिकता की कमी से वह बीमारियों से ग्रसित हो जाता है। शुष्क क्षेत्र में हरी घास नहीं मिल पाती। ऐसे में छोटी पक्की डिग्गी बना उसमें पानी व थोड़ी मिट्टी डाल अजोला घास लगा दें। इसे रोजाना निकाल पशुओं को खिलाने से उनकी दूध उत्पादन क्षमता बढ़ी है। इसके लिए सरकार पशु पालक को 4 हजार रुपए तक सहायता दे रही है। इसके अलावा उन्होंने टीकाकरण व विभिन्न बीमारियों से बचाव के बारे में बताया।

महिला कृषकों को दिए ईनाम
कार्यक्रम के बाद उपस्थित महिला कृषकों से दी गई जानकारी के संबंध में सवाल किए गए। इसमें से प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर आने वालों को ईनाम देकर सम्मानित किया गया।



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