चित्तौडग़ढ़. दिल्ली के उत्तरी इलाके बुराड़ी स्थित संत नगर के जिस मकान में रविवार को एक ही परिवार के ११ सदस्यों के शव फंदे पर लटके मिले वह परिवार मूलत: चित्तौडग़ढ़ जिले के सावा का रहने वाला है। सांसद जोशी व पूर्व विधायक जाड़ावत सहित कई जनप्रतिनिधियों ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया है।
सावा निवासी महावीरसिंह ने बताया कि दिल्ली में फंदे पर लटके मिले एक ही परिवार के ११ सदस्यों में से परिवार के मुखिया ललितसिंह व भुवनेशसिंह उर्फ भूपी दोनों भाई थे। इनके पिता भोपालसिंह चुण्डावत, जो मूलत: सावा के चांदनी चौक निवासी थे। वे करीब छह दशक पहले यहां से हरियाणा के टोहणा गांव चले गए और वहां एक होटल पर काम किया, इसी दौरान वहां भाटिया परिवार की बेटी से उनका विवाह हो गया। इसके बाद वे परिवार सहित दिल्ली में बस गए। भोपालसिंह का निधन हो चुका है। ललितसिंह के एक भाई दिनेशसिंह रावतभाटा में रहते है और ठेकेदारी का काम करते है, उनकी पत्नी शिक्षक है। महावीरसिंह की मानें तो दिनेशसिंह रोजगार के लिए सउदी अरब चले गए थे और उनके कहने पर ही करीब तीस साल पहले भोपालसिंह परिवार सहित अपने पिता हरिसिंह चुण्डावत से मिलने सावा आए थे। इसके बाद इस परिवार का शादी-ब्याह जैसे किसी भी सामाजिक कार्यक्रमों में शरीक होने सावा आना जाना रहता है। भोपालसिंह के चार भाई थे, इनमें से जोधसिंह व रणसिंह आज भी सावा में ही रहते हैं। महावीरसिंह ने बताया कि करीब पांच-छह साल पहले किसी ने ललित का गला दबा दिया था, इससे उसकी आवाज बंद हो गई थी, लेकिन बाद में वे फिर से बोलने लग गए थे।
गहलोत ने ली जानकारी
पूर्व विधायक सुरेन्द्रसिंह जाड़ावत ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस बारे में उनसे जानकारी ली है। जाड़ावत ने भी दिनेशसिंह से बातचीत कर जानकारी ली। इधर, नई दिल्ली में एक ही परिवार के 11 सदस्यों की मृत्यु पर विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए शोक जताया है। विधायक आक्या ने शोक
संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
सांसद बोले, गृहमंत्री से बात करेंगे
इधर सांसद सीपी जोशी ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने के साथ ही कहा कि यह घटता हतप्रभ करने वाली है। इस बारे में वे केन्द्रीय गृहमंत्री से बात कर घटना की सत्यता उजागर करने की मांग करेंगे।
जोशी ने कहा कि पुलिस जांच के बाद ही यह खुलासा हो पाएगा कि परिवार के सदस्यों ने सामूहिक आत्महत्या की है या फिर उनकी हत्या की गई है। इसके बाद सीपी जोशी ने केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथसिंह को भेजे पत्र में कहा है कि बुराड़ी में एक ही परिवार के ११ सदस्यों की हृद्य विदारक मृत्यु हम सब के लिए आघात है। चित्तौड़ जिले के सावा गांव के मूल निवासी इस परिवार के सदस्यों की अकस्मात मृत्यु अपने आप में संदेह प्रकट करती है।
इस घटना के पीछे कारण स्पष्ट करने के लिए प्रकरण की त्वरित जांच आवश्यक है। सांसद ने गृहमंत्री से मांग की है कि इस घटना की उच्च स्तरीय जांच करवाकर पीडि़त परिवार को न्याय दिलाया जाए।
पैतृक निवास पर पहुंची महिलाएं
दिल्ली में हुई घटना की जानकारी मिलते ही भोपालसिंह के सावा स्थित पैतृक मकान पर परिवार से जुड़ी महिलाओं के घर पहुंचने का क्रम शुरू हो गया।
सावा में शोक की लहर
दिल्ली में चुण्डावत उर्फ भाटिया परिवार के ११ सदस्यों के शव फंदे पर लटके मिलने की खबर मिलते ही रविवार को सावा में शोक की लहर छा गई। यहां हर कोई घटना के बारे में जानकारी लेते दिखाई दिया। सूचना मिलने पर ललितसिंह व भूपी के बड़े भाई दिनेशसिंह रावतभाटा से दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
मृतकों में भोपालसिंह की पत्नी भी शामिल
दिल्ली में बुराड़ी के संत नगर में मिले एक ही परिवार के ११ शव में भोपालसिंह की पत्नी नारायणी (७५) भी शामिल है। इसके अलावा उनकी पुत्री प्रतिभा (५६), प्रियंका (३०) पुत्री प्रतिभा, भुवनेश उर्फ भूपी (४६) पुत्र भोपालसिंह, सविता (४२) पत्नी भूपी, नीतू (२४) पुत्री भूपी, मीनू (२२) पुत्री भूपी, धीरू (१२) पुत्र भूपी, ललित (४२) पुत्र भोपालसिंह, टीना (३८) पत्नी ललित तथा एक अन्य के शव मिले हैं।






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