चित्तौडग़ढ़। दिल्ली में संत नगर स्थित मकान में फंदे पर लटके मिले एक ही परिवार के दस सदस्यों और कमरे में मिले वृद्धा के शव मामले में किसी भी तरह के तंत्र-मंत्र की आशंका को मृतक ललितसिंह के बड़े भाई दिनेशसिंह ने सिरे से खारिज कर दिया है। उनका मानना है कि ये सामूहिक आत्महत्या नहीं, बल्कि बहुत बड़ी साजिश है।
दिल्ली में अन्तिम संस्कार के बाद परिजनों की अस्थियां लेकर बुधवार को चित्तौडग़ढ़ जिले में अपने पैतृक गांव सावा पहुंचे दिनेश सिंह के अनुसार पुश्तैनी मकान से ही परिवार के मृत सदस्यों के कर्मकाण्ड पूरे किए जाएंगे।
दिनेशसिंह ने पत्रिका से बातचीत में कहा कि पुलिस को वहां शव फंदे पर लटके हुए मिले, लेकिन वे इस बात को नहीं मानते, क्यों कि कुछ शवों के पैर जमीन पर लटके हुए थे। मां नारायणी देवी कमरे में गिरी हुई थी और बहन का शव दरवाजे के पास लटका था। इसे आत्महत्या बताया जा रहा है, लेकिन वे इसे आत्महत्या नहीं मानते। उन्होंने बताया कि हत्या का मामला दर्ज कराया है और पुलिस ने भी पहले ही हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
वेंटीलेशन के लिए लगाए थे पाईप
घर में जिन 11 पाइप का जिक्र मीडिया में किया जा रहा है, उसको लेकर दिनेशसिंह ने बताया कि वेंटीलेशन के लिए पाइप लगाए गए थे। वहां पास में प्लॉट होने के कारण खिड़की नहीं बना सकते थे। पिछले २५ वर्ष से सिविल कांट्रेक्टर दिनेश ने कहा कि उनकी राय पर ही पाइप सिर्फ वेंटीलेशन के लिए ही लगाए गए थे और कोई इसका कारण नहीं था।
पुलिस सबूत देगी तो मानेंगे
तंत्र-मंत्र या अंधविश्वास के चलते यह घटना मानकर पुलिस जांच को आगे बढाती है तो क्या करेंगे। इस सवाल पर दिनेशसिंह ने कहा कि पुलिस यदि सबूत सहित इसे साबित करती है तो इसे हम भी मानेंगे, इसका तो हम भी कुछ नहीं कर सकते। इसका सबूत होना चाहिए कि वे तांत्रिक विद्या कर रहा था उसी में खत्म हुआ है।





No comments:
Post a Comment