नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी बैंक एसबीआई ने कुछ दिनों पहले अपने खाताधारकों से मिनिमम बैलेंस नहीं बनाए रखने के लिए तकरीबन 1771 करोड़ रुपए वासूले थे। अब ऐसा ही कुछ बैंकिंग घोटाले से जूझ रही बैंक यानी की पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने भी किया हैं। पंजाब नेशनल बैंक ने अपने ग्राहकों से 151.66 करोड़ रुपये मिनिमम बैलेंस नहीं रखने पर जुर्माने के तौर पर वसूले हैं।
हर दिन महीने में इतना वसूला जुर्माना
पंजाब नेशनल बैंक ने आरटीआई को दी गई रिपोर्ट में ये कहा है की पिछले वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान 1,22,98748 खाताधारक थे, जिन्होंने मिनिमम बैलेंस नहीं बनाए रखा था। इसलिए बैंक ने मिनिमम बैलेंस नहीं बनाए रखने वालों से जुर्माना वसूला हैं। बैंक ने पहले क्वार्टर में 31.99 करोड़ रुपये, दूसरे क्वार्टर में 29.43 करोड़ रुपये, तीसरे में 37.27 करोड़ रुपये और चौथे क्वार्टर में सबसे ज्यादा 52.97 करोड़ रुपये जुर्माना वसूला हैं।
मशहूर अर्थशास्त्री जयंतीलाल के सवाल
मशहूर अर्थशास्त्री जयंतीलाल ने मिनिमम बैलेंस न रखने पर बैंक जो मोटा जुर्माना ले रही है इस बात की कड़ी निंदा की है। जयंतीलाल ने सार्वजनिक क्षेत्र में बैंकों की भूमिका पर सवाल खड़े किये हैं। जयंतीलाल भंडारी का कहना है की, “एक तरफ सरकार देश के ज्यादा से ज्यादा लोगों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ने के लिये अभियान चला रही है, तो दूसरी तरफ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक बचत खातों में मिनिमम बैलेंस नहीं रखने के नाम पर ग्राहकों से मोटा जुर्माना वसूल रहे हैं।” भंडारी ने मांग की है कि भारतीय रिजर्व बैंक को गरीब और मध्यम वर्ग के बचत खाता धारकों को ध्यान में रखाते हुए जुर्माना वसूली के नियमों और दरों में बदलाव करना चाहिए।
कितना होना चाहिए मिनिमम बैलेंस
आप को बता दे की ग्रामीण क्षेत्रों में बचत खाते में 1000 रुपया मिनिमम बैलेंस रखाना अनिवार्य है। तो वहीं शहरों और मेट्रो सिटी में बचत खाते में 2000 रुपए मिनिमम बैलेंस रखना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर बैंक 25 से 250 रुपया तक जुर्माना वसूलता है। कुछ दिनों पहले एसबीआई ने भी अपने खाताधारकों से मिनिमम बैलेंस नहीं बनाए रखने पर तकरीबन 1771 करोड़ रुपए जुर्माना वसूला किए थे।





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