जयपुर/जोधपुर/भरतपुर।
राजस्थान कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2018 में प्रदेश भर में नक़ल गिरोह सक्रीय हो गया है। अभ्यर्थियों को परीक्षा में सफल होने का 'शॉर्ट कट' तरीका बताकर उन्हें गारंटी दी जा रही है। पुलिसिया तंत्र से बचकर नापाक मंसूबों को अंजाम देने के लिए नए-नए तरीके अपनाये जा रहे हैं। इस बीच राजस्थान पुलिस की ऐसे गिरोह के खिलाफ कार्रवाई भी होने लगी है।
प्रदेश में कई जगहों से इस सबसे बड़ी भर्ती परीक्षा में नक़ल करवाने का इरादा रखने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। भरतपुर में एक गिरोह पर हुई कार्रवाई में नक़ल का चौंकाने वाला तरीका सामने आया है। इस गिरोह की प्लानिंग वास्तविक अभ्यर्थी के अंगूठे का क्लोन बनाकर फ़र्ज़ी अभ्यर्थी को बैठाने की थी।
भरतपुर में सरगना समेत चार गिरफ्तार
भरतपुर में कांस्टेबल भर्ती परीक्षा से दो दिन पहले नकल गिरोह को पकड़ा गया है। सरगना रेलकर्मी, कोचिंग संचालक सहित चार जनों को गिरफ्तार किया गया है। चौकानें वाली बात है कि नकल गिरोह की भनक पुलिस को तब लगी, जब तीन पीडि़तों ने अटलबंध, मथुरा गेट और उद्योगनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया।
गिरोह उत्तरप्रदेश पुलिस, राजस्थान पुलिस, जेल पुलिस, रेलवे और अन्य विभाग में भर्ती का झांसा देकर कई युवाओं से 25 लाख रुपए से ज्यादा की वसूली कर चुका है। आरोपियों से पूछताछ में ठगी के शिकार युवकों की संख्या बढ़ सकती है।
एसपी अनिल कुमार टांक ने बताया कि आरोपी जितेंद्र सिंह, समयसिंह, वीरभान सिंह व भोलूराम को गिरफ्तार किया गया हैं। सरगना जीतेंद्र सिंह रेलवे में हैल्पर है। वीरभान सिंह कृष्णा कोचिंग सेंटर संचालक है। जो अन्य कोचिंग सेंटर में पढ़ाकर युवाओं को जाल में फंसाकर ठगी का खेल करता है। आरोपियों के पास से आधार कार्ड, मूल शैक्षिक प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेज, दो लेपटॉप और चार मोबाइल बरामद किए गए है।
अंगूठे के क्लोन बनाकर दूसरे व्यक्तियों से परीक्षा दिलाने की तैयारी थी
सरगना जीतेंद्र और उसके साथी पहले युवाओं को अंगूठे का क्लोन बनाकर परीक्षा में दूसरे व्यक्ति को बैठाने का झांसा देते थे। आरोपी समय सिंह, वीरभान व भोलूराम युवकों से रुपए लेकर खुद का कमीशन काटकर बाकी रकम सरगना जीतेंद्र को दे देते थे।
नकल गिरोह की जांच करेगी एसओजी, बाड़मेर-जालोर में भी दबिशें
कांस्टेबल भर्ती परीक्षा से पहले जोधपुर शहर में जिला ग्रामीण पुलिस के हत्थे चढऩे वाले नकल गिरोह की जांच पुलिस कमिश्नरेट से लेकर राज्य की विशेष ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) को दे दी गई है। पुलिस महानिदेशक ओपी गल्होत्रा ने गुरुवार को आदेश जारी किए। संभवत: शुक्रवार को एसओजी जांच अधिकारी आरोपियों को कोर्ट से प्रोडक्शन वारंट लेकर रिमाण्ड पर लेंगे।
पुलिस महानिरीक्षक (रेंज) हवासिंह घुमरिया ने बताया कि अब खाण्डा फलसा थाने के बजाय एसओजी निरीक्षक शंकरलाल मामले की जांच करेंगे। जांच एसओजी के हवाले कर दी गई है। एेसे में पुलिस ने अनुपम क्लासेज संचालक भीखाराम जाणी, अरुण पुत्र दिलीप कुमार, सुरेश विश्नोई, बतौर अभ्यर्थी रामदीन विश्नोई, रघुवीर सिंह, भंवरलाल विश्नोई, हरिनारायण विश्नोई, मालाराम विश्नोई, मनीष विश्नोई व निर्मल पालीवाल के अलावा फोटो स्टूडियो के संचालक रमेश प्रजापत को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। जहां से आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पच्चीस हजार का इनामी बदमाश का सुराग नहीं
पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में बाड़मेर व जालोर में दबिशें दे रही है। फिलहाल किसी के पकड़ में आने की सूचना नहीं है। कोचिंग सेंटर संचालक के भाई जगदीश जाणी का सुराग नहीं है। वह बाड़मेर जिले में नकल के एक अन्य मामले में भी वांछित है। एसओजी ने गत दिनों उसकी गिरफ्तारी के बारे में सूचना देने वाले को पच्चीस हजार रुपए के इनाम की घोषणा की थी।
संभाग के बाहरी जिलों में परीक्षा केन्द्रों के सम्पर्क में थे सरगना
कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को दूसरे जिले के बजाय संभाग भी बदलकर परीक्षा केन्द्र आवंटित करने के प्रयास किए गए हैं। इसके बावजूद ई-प्रवेश पत्र मिलने के बाद नकल सरगना ऑनशीट या डीटीएच वाले अभ्यर्थियों के लिए उनके परीक्षा केन्द्र वाले जिलों में सम्पर्क साधने लग गए थे। पुलिस ने बीकानेर व हनुमानगढ़ जिले की पुलिस से सम्पर्क साधकर जांच शुरू की है।
नक़ल रोकने के लिए परीक्षार्थियों की दर्ज होगी बायोमैट्रिक हाजिरी
राजस्थान पुलिस में कांस्टेबल के 13 हजार 142 पदों पर 14 व 15 जुलाई को होने वाली लिखित परीक्षा के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। अभ्यर्थियों को परीक्षा देने के समय प्रवेश पत्र, नवीनतम रंगीन पासपोर्ट आकार की फोटो, दो पारदर्शी बॉलपेन और एक अधिकृत फोटो पहचान पत्र लाने के निर्देश दिए गए है। वहीं, परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों की उपस्थिति बायोमैट्रिक आधार पर ही दर्ज की जाएगी।
महानिरीक्षक पुलिस भर्ती डॉ. प्रशाखा माथुर ने बताया कि परीक्षा केन्द्रों में परीक्षार्थियों की बायोमैट्रिक आधार पर ही उपस्थिति की जाएगी। माथुर ने बताया कि परीक्षा में नकल रोकने के लिए सभी इंतजाम कर लिए गए हैं। परीक्षा में पुलिस टीमें लगाई गई हैं, जो गड़बड़ी का प्रयास करने वालों के खिलाफ मुकदमें दर्ज कर सख्त कार्रवाई करेगी।
मोबाइल एवं इलेक्ट्रॉनिक आइटम की अनुमति नहीं
डॉ. माथुर ने बताया कि परीक्षा केन्द्र में मोबाइल एवं किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक आइटम लाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। परीक्षार्थियों का अन्य सामान परीक्षा केन्द्र के बाहर ही रहेगा। परीक्षार्थियों को कोई भी सामान साथ नहीं लाने की सलाह दी गई है।
लागू रहेगा ड्रेस कोड भी
आईजी भर्ती माथुर का कहना है कि परीक्षार्थियों को निर्धारित ड्रेस कोड के कपड़े ही पहनकर परीक्षा देने आना होगा। इसमें आधी बांह के कपड़े पहनने वालों को प्रवेश दिया जाएगा। वहीं, सामान्य फुटवियर पहनकर आने के लिए कहा गया है, जिन्हें भी क्लास रूम के बाहर खुलवा दिया जाएगा। 30 मिनट पूर्व तक ही परीक्षा केन्द्र में प्रवेश की अनुमति होगी।
अन्य विभागों से मांगा सहयोग
करीब 13 लाख परीक्षार्थियों ने ई-प्रवेश पत्र डाउनलोड कर लिए है। इस भारी भरकम संख्या को देखते हुए आईजी भर्ती डॉ. प्रशाखा माथुर ने रेलवे व रोडवेज प्रशासन से अतिरिक्त व्यवस्था करने का भी आग्रह किया है। विद्युत की नियमित आपूर्ति के लिए भी विद्युत विभाग को लिखा गया है।





No comments:
Post a Comment