बागोड़ा. शिक्षा को बढ़ावा देने एवं शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए सरकार की ओर से लाखों रुपए खर्च किए जा रहे है। लेकिन धरातल पर संसाधनों के अभाव में व क्षतिग्रस्त भवनों की वजह से विद्यार्थियों को हादसे का डर सता रहा है।
क्षेत्र के राऊता स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय का भवन जर्जर है। ऐसे में इस विद्यालय में पढऩे वाले 350 विद्यार्थी मौत के साए में शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं। यहां एक कक्ष तो बिल्कुल ही जर्जर हो गया। इसमें जगह-जगह दरारें आ गई है। इधर, विद्यालय में पहले से कमरों का अभाव है।
ऐसे में बारिश के दिनों में भी यहां जर्जर कमरे में करीब 60 विद्यार्थियों को बैठाकर अध्ययन करवाया जा रहा है। इस जर्जर कक्ष व कक्षों की कमी को लेकर ग्रामीणों ने कई बार विधायक व ग्राम पंचायत को अवगत करवाया। लेकिन न तो इस और ग्राम पंचायत ध्यान दे रही है और ना ही विधायक इस पर कुछ कर रहे है।
ऐसे में यहां पढऩे वाले बच्चों को हमेशा हादसे का डर सताता है। ग्रामिणों ने बताया कि क्षतिग्रस्त कक्ष की जर्जर हुई आरसीसी को तोड़कर पुन: नहीं भरवाया गया तो वे आंदोलन करेंगे। असुरक्षित भवन को गिराकर नया भवन बनाने के लिए भी कोई पहल नहीं की जा रही है। ऐसे में यहां पढऩे वाले 350 बच्चों की जिंदगी को लेकर प्रशासन व शिक्षा विभाग गंभीर नजर नहीं आ रहे है।
बीच में से दब गई छत
वर्ष 2012-13 में क्षेत्रीय विधायक पूराराम चौधरी ने गांव के विद्यालय में कमरों की कमी को देखते हुए एक कमरा विधायक मद से बनवाने की घोषणा की थी। इसके लिए 5 लाख रुपए स्वीकृत हुए थे। इस कमरे के निर्माण का जिम्मा निर्माण एजेन्सी ग्राम पंचायत राऊता को दिया गया था। एक वर्ष पूर्व ही इस कमरे का निर्माण कार्य पूरा हुआ है। लेकिन गुणवत्तायुक्त सामग्री का उपयोग नहीं करने से कमरे की छत पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। छत बीच में से दब गई है। जिससे बारिश का पानी छत पर भरा रहता है। ऐसे में यह छत कभी भी गिर सकती है।
मानदेय बढ़ाने के लिए सौंपा ज्ञापन
बागोड़ा. उपखंड मुख्यालय पर मंगलवार को कुक कम हेल्पर मजूदर संघ की बैठक हुई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार भागीरथ विश्नोई को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में बताया कि विद्यालयों से सुबह सात बजे से दोपहर 2 बजे तक काम के लिए केवल तेरह सौ रुपए का मानदेय ही दिया जा रहा है। इस काफी कम है। ऐसे में महंगाई के जमाने में परिवार को गुजारा करना मुश्किल हो गया है। उन्होंंने बताया कि समय रहते उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो मजबूर होकर आन्दोलन करना पड़ेगा। इस मौके जिलाध्यक्ष मनीदेवी, सुरेशकुमार, सावलाराम, मेन्दाकंवर, नर्मदादेवी, गणेशाराम, गजाराम देवासी, गीतादेवी पुरोहित, सोनीदेवी वगतुदेवी प्रजापत, भीखीदेवी माली, करसणकुमार संत, कमलादेवी स्वामी, कमलादेवी विश्नोई सहित दर्जनों की संख्या में कुम कम हेल्पर मौजूद थे।
अभिभावक बोले-सताता है हादसे का डर
कक्ष की जर्जर छत से आरसीसी के टुकड़े कभी भी गिर सकते है। अभिभावको ने बताया कि कमरा जर्जर है। जिसकी छत से आरसीसी के टुकड़े गिरते रहते है। ग्रामीण महावीरसिंह ने बताया कि स्कूल के कमरे जर्जर है। लेकिन अधिकारी इस जर्जर भवन पर ध्यान नहीं दे रहे है। उन्होंने बताया कि बच्चों को स्कूल भेजते समय हमेशा हादसे का डर सताता रहता है। उन्होंने इस जर्जर भवन के मरम्मत व नए कक्ष बनाने की मांग की है।
करवाया अवगत
स्कूल में कक्षा कक्षों के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत करवा चुके है। इसके लिए ऑनलाइन रिपोर्ट भी भरकर भेजी है। लेकिन कक्षा कक्षों के निर्माण को लेकर अभी तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है।
- रतनाराम, कार्यवाहक प्रधानाध्यापक, राजकीय माध्यमिक विद्यालय राऊता





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