लालसोट. रामगढ़ पचवारा थाना क्षेत्र के कोलीवाड़ा गांव में लक्ष्मणराम मीना की हत्या के बाद से आक्रोशित ग्रामीण घटना के 36 घंटे बाद मंगलवार दोपहर करीब साढ़े बारह बजे पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए। पुलिस प्रशासन ने आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने, पीडि़त परिवार की सुरक्षा व गांव में अस्थायी पुलिस चौकी खोलने की बात कही। इसके बाद मृतक के परिजन व ग्रामीण शव के पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए।
गौरतलब है कि रविवार रात अपनी चाय की दुकान पर सो रहे लक्ष्मणराम मीना की अज्ञात जनों ने सिर व गले पर धारदार हथियारों से वार करते हुए निर्मम हत्या कर दी थी। घटना के बाद मौके पर कोलीवाड़ा समेत आस-पास के कई गांवों के ग्रामीण जमा हो गए थे और हत्यारों की गिरफ्तार होने के बाद ही पोस्टमार्टम कराने की मांग पर अड़े हुए थे। ग्रामीणों की सहमति के बाद दौसा जिला चिकित्सालय में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपर्द कर दिया। शाम को अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।
किरोड़ीलाल पहुंचे कोलीवाड़ा
मंगलवार सुबह करीब दस बजे राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ीलाल मीना एवं पूर्व मंत्री वीरेन्द्र मीना कोलीवाड़ा गांव पहुंचे। उन्होंने पीडि़त परिवार को ढांढस बधाते हुए घटनास्थल को भी देखा। उन्होंने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र सिंह की मौजूदगी में कहा कि इस घटना से क्षेत्र के निवासी भयभीत हो गए हैं। पूर्व में हुए दो हत्याकांडों का भी पुलिस ने आज तक खुलासा नहीं किया है, जबकि वे स्वयं रामगढ़ पचवारा पुलिस थाने पर धरना दे चुके हैं। एसपी व एसओजी अधिकारियों से भी मिल चुके हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन तत्काल मामले का खुलासा करते हुए हत्यारों को गिरफ्तार करे।एएसपी ने कहा कि घटना के बाद से ही पुलिस बल हत्यारों की तलाश में जुटा है।
परिजनों ने प्राथमिकी में जिन लोगों पर संदेह जताया है, वे और उनके परिजन भी घरों से फरार हो गए हैं। कुछ जनों से पूछताछ भी जारी है।शीघ्र ही मामले को खुलासा कर दिया जाएगा। ग्रामीण एएसपी के आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुए और मांगों पर ही अड़े रहे। करीब आधा घंटे तक दुबारा राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ीलाल मीना पुलिस अधिकारियों से वार्ता के बाद ग्र्रामीणों के धरना स्थल पर लौटे। इस दौरान उन्होंने कहा कि वे ग्रामीणों के निर्णय के साथ हैं। अब ग्रामीण तय करें कि आंदोलन मेंं आगे क्या कदम उठाने हैं।
परिजनों ने कहा, राजनीति नहीं करें
किरोड़ीलाल मीना के मौके से जाने के बाद परिजनों का रोष भी फूट पड़ा। मृतक के भतीजे शंभूलाल समेत सभी परिजनों का कहना था कि उनके परिवार के मुखिया की लाश दो दिनोंं से यहां पड़ी है और वे भूखे-प्यासे रहकर न्याय की गुहार लगाते हुए हत्यारों को पकड़े जाने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में कोई भी राजनेता यहां राजनीति नहीं करे। वे अपने हक के लिए अकेले ही लडऩे को तैयार हैं।
यूं माने परिजन
दोपहर करीब 12 बजे पूर्व मंत्री परसादीलाल मीना एवं उप जिला प्रमुख सीताराम मीना के समझाने के बाद ग्रामीण दुबारा पुलिस अधिकारियों से वार्ता के लिए राजी हुए। इस दौरान परसादीलाल ने कहा कि हत्याकांड से आमजन असुरक्षित महसूस कर रहा है। लक्ष्मणराम के परिजनों में डर है। ऐसे में तत्काल पीडि़त परिवार की सुरक्षा के गार्ड लगाई जाए तथा पुलिस चौकी भी खोली जाए। उन्होंने कहा कि चौकी खोलने के लिए ग्रामीण भवन उपलब्ध कराने को तैयार हैं। इस पर रामगढ़ पचवारा थाना प्रभारी रविन्द्र कुमार ने भरोसा दिया कि पुलिस शीघ्र ही हत्यारों को गिरफ्तार कर लेगी और आज से ही कोलीवाड़ा गांव में अस्थायी पुलिस चौकी खोल कर एक अधिकारी व पांच पुलिसकर्मियों का जाब्ता तैनात कर देंगे। थाना प्रभारी के इस आश्वासन के बाद ग्रामीण व परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हो गए।
डटे रहे सैकड़ों ग्रामीण
घटना केे दूसरे दिन भी मौकेे पर सैकड़ों ग्रामीण शव के साथ डटे रहे। क्षेत्र में मातम पसरा रहा और कोलीवाड़ा गांव केे अधिकांश घरों में चूल्हे भी नहीं जले। इस दौरान उप प्रधान किशनलाल मीना, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष जगदीश राड़ा, रामकिशोर मीना, रामबिलाश मीना, लल्लू ठेकेदार, संपतसिंह डोब, कैलाश मीना, पौकरमल सैनी, कालूराम मीना, रामभजन मीना, रामधन बैरवा आदि मौजूद रहे।







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