नई दिल्ली। दूरसंचार सेवा प्रदाता आइडिया सेलुलर लिमिटेड को वोडाफोन के साथ मर्जर का लाभ मिलने लगा है। वित्त वर्ष 2018-19 की पहली तिमाही में कंपनी मुनाफे में रही है। सोमवार को कंपनी की ओर से जारी बयान के अनुसार जून में समाप्त पहली तिमाही में 509.2 करोड़ रुपए का लाभ अर्जित किया है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में कंपनी को 617 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था। कंपनी की ओर से जारी तिमाही वित्तीय लेखाजोखा के अनुसार 30 जून को समाप्त इस तिमाही में उसने कुल 5889.2 करोड़ रुपए का कारोबार किया, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के 8166.5 करोड़ रुपए की तुलना में 27.9 फीसदी कम है।
बिना नाम लिए जियो पर बोला हमला
पहली तिमाही के नतीजे जारी करने के दौरान आइडिया ने बिना नाम लिए रिलायंस जियो पर भी हमला बोला। आइडिया ने कहा कि एक दूरसंचार कंपनी की ओर से शुरू की गई गलाकट प्रतिस्पर्धा की वजह से राजस्व का नुकसान हो रहा है। वॉयस और डाटा अब एक साथ बंडल के तौर पर काफी कम दाम पर दिया जा रहा है। प्रतिस्पर्धा की वजह से उसे भी बंडल में लागत से बहुत कम दर पर सेवाएं देनी पड़ रही है।
आइडिया-वोडाफोन मर्जर को मिली मंजूरी
आइडिया-वोडाफोन मर्जर को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। इस मर्जर के बाद नई कंपनी का नाम आइडिया वोडाफोन लिमिटेड हो जाएगा। इस मंजूरी के मिलने के बाद यह नर्इ कंपनी देश की सबसे बड़ी टेलीकाॅम कंपनी बन जाएगी। जानकारी के अनुसार डिपार्टमेंट आॅफ टेलीकाॅम ने इस संबंध में आइडिया अौर वोडाफोन दोनों कंपनियों को लेटर भी लिखा है। खास बात यह होगी कि यह कंपनी यूजर आैर रेवेन्यू मार्केट शेयर के हिसाब से देश की सबसे बड़ी टेलीकाॅम बन जाएगी। आपको बता दें कि हाल ही में स्पेक्ट्रम चार्जेज के एवज में दूरसंचार विभाग की ओर से की गई मांग के रुप में इन दोनों कंपनियों ने 72 बिलियन रुपए का नकद में और बैंक गारंटी का भुगतान कर दिया था, इसके बाद से ही यह संभावना तेज हो गई थी कि इस मर्जर को जल्द मंजूरी मिल जाएगी।





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