अजमेर
राज्य के आठ लाख से अधिक अभ्यर्थियों का अध्यापक बनने का सपना छह माह बाद भी हकीकत में तब्दील नहीं हो पाया है। रीट का परिणाम तैयार हो चुका है, लेकिन कानूनी अड़चन की वजह से अभ्यर्थियों का इंतजार लंबा खिंचता जा रहा है।
राज्य में 54 हजार तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती के लिए अध्यापक पात्रता परीक्षा रीट 11 फरवरी को ली गई थी। छह से आठवीं कक्षा तक पढ़ाने के लिए द्वितीय स्तर की परीक्षा में लगभग आठ लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। उम्मीद की जा रही थी कि एक माह में ही परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया जाएग और उसके कुछ माह में ही चयनित अभ्यर्थियों को अध्यापक पद पर नियुक्ति मिल जाएगी, लेकिन कथित तौर पर पेपर लीक प्रकरण को लेकर उच्च न्यायालय में मामला दायर होने की वजह से अभी तो परिणाम ही जारी नहीं हो पाया है।
तीन माह से तैयार है परिणाम
रीट परीक्षा आयोजित करने वाले माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने तीन माह पूर्व ही परिणाम तैयार कर लिया था। बोर्ड ने 16 मार्च को इस परीक्षा की आंसर-की जारी कर दी थी और 31 मार्च तक आपत्तियां आमंत्रित की थी। जानकारी के अनुसार समस्त आपत्तियों का निस्तारण किया जा चुका है और परिणाम भी तैयार कर लिया गया है।
नियमों के तहत परीक्षा में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक लाने वाले अभ्यर्थयों को उत्तीर्ण घोषित किया जाएगा। हालांकि नियुक्ति के लिए शिक्षा विभाग द्वारा कट ऑफ मार्कस तय किए जाएंगे। शिक्षा बोर्ड ने रीट प्रथम लेवल का परिणाम 11 अपे्रल को ही जारी कर दिया था।
उच्च न्यायालय में है प्रकरण
रीट लेवल दो की परीक्षा प्रारंभ होते ही सोशल मीडिया पर पेपर वायरल हुआ था। हालांकि बोर्ड प्रशासन ने तत्काल इसका खंडन करते हुए फर्जी करार दिया था, लेकिन पांच छह लोगों ने इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दी। फिलहाल इस मामले की सुनवाई चल रही है इसलिए शिक्षा बोर्ड लेवल दो का परिणाम जारी करने की स्थिति में नहीं है।
हमने अपने स्तर पर तो परिणाम तैयार कर लिया है। मामला अदालत में विचाराधीन होने की वजह से फिलहाल जारी नहीं किया जा सकता। वैसे भी हमारा काम सिर्फ परिणाम जारी करना है। नियुक्ति राज्य सरकार द्वारा दी जाएगी।
प्रो. बी. एल. चौधरी, अध्यक्ष, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान





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