धीरेंद्र जोशी/ उदयपुर. इंद्र देवता की मेहरबानी से मानसून के दूसरे दौर में जुलाई के पहले पखवाड़े में शहर में हुई बरसात ने पिछले पांच साल के सारे रिकॉर्ड तोड़ डाले। अब तक आसमान से करीब आठ इंच पानी गिरा जो पिछले पांच वर्षों में सर्वाधिक है। मानसून की सक्रियता से जहां मौसम विभाग सतर्कता बरत रहा है, वहीं किसानों के चेहरे हर्षाए हुए हैं।
एपीयूएटी के प्रो. नारायणसिंह सोलंकी ने बताया कि जुलाई में एक से 17 तारीख तक बारिश के गत पांच वर्ष के विश्लेषण में सर्वाधिक 192 मिमी बारिश इस बार दर्ज की गई है। इस माह अब तक 7 दिन बारिश हुई है। वर्ष 2017 में पांच दिनों में 105.8 मिमी, वर्ष 2016 में सात दिनों में 130.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। वर्ष 2015 में इस दौरान बारिश नहीं हुई। वर्ष 2014 में महज पांच दिनों में 107 मिमी बारिश दर्ज की गई।
जून में दूसरे नंबर पर
इसी प्रकार जून के विश्लेषण में वर्ष 2018 में छह दिन बारिश हुई। इस दौरान 92.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। वर्ष 2017 में 8 दिन में 155.8 मिमी बारिश हुई थी। वर्ष 2016 में छह दिन की बारिश में 55.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसी प्रकार वर्ष 2015 में 6 दिन की बारिश में 69.0 और वर्ष 2014 में एक दिन में एक मिमी बारिश दर्ज की गई।
17 जुलाई को शहर की प्रमुख झीलों की स्थिति
वर्ष ... फतहसागर ... स्वरूप सागर
2014 ... 3.1 ... 3.10
2015 ... 3.2 ... 3.0
2016 ... 2 ... 3.2
2017 ... 5.5 ... 5.9
2018 ... 5.4 ... 6.5
आंकड़े फीट में।
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बारिश के लिए शीतला माता की पूजा
उदयपुर.इंद्रदेव को प्रसन्न करने के लिए कई जतन करते हैंं। कई गांव बाहर प्रसादी कर चूरमा बाटी बनाते हैंं तो कोई गेहूं की गूगरी बनाकर मौहल्ले मेंं बांंटते हैं ताकि अच्छी बारिश हो। इसी कड़ी में पूर्बिया मोची समाज की महिलाओं ने अच्छी बारिश की कामना के लिए शीतला माता की पूजा की व बासोड़ा खाया। हर वर्ष आषाढ़ माह के तीसरे सोमवार को यह पर्व मनाया जाता है व एक दिन पूर्व खाना बनाकर दूसरे दिन बासोड़ा खाया जाता है। महिलाओं ने बताया की इस दिन शीतला माता को पूजते है व एक दिन पूर्व बने भोजन का भेग लगाते हैंं।समाज की महिलाएं रंग निवास स्थित शीतला माता को एक दिन पूर्व बने लापसी,चावल,पूूडी,दही आदी का भोग लगा कर पूजा अर्चना कर देश में अच्छी बारिश की कामना करती है।पूजा अर्चना के बाद समाज के लोग परिवार सहित गुलाब बाग में पहुंच कर एक साथ ठंडा भोजन करते हैंं।






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