राजसमंद। शहर में पीर बावजी स्थानक के पास होटल पर बुधवार अपराह्न तीन बजे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर बाल कल्याण समिति व चाइल्ड लाइन के सदस्यों ने पुलिस जाप्ते के साथ छापा मारा और वहां से बरामद 67 किशोरियों को बालिका गृह में शिफ्ट किया।
होटल के पीछे भवन में आध्यात्मिक ज्ञान देने के बहाने आध्यात्मिक गऊमुख स्कूल संचालित किया जा रहा था। न स्कूल का शिक्षा विभाग में पंजीयन मिला और न ही आध्यात्मिक गऊमुख समिति (एनजीओ) के पास जेजे एक्ट के तहत किशोरियों को रखने का लाइसेंस। करीब एक दर्जन किशोरियां नेपाल की है, शेष किशोरियां आठ राज्यों की है। बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष भावना पालीवाल के आदेश पर सभी बच्चियों को राजसमंद के पन्नाधाय बालिका गृह स्थानान्तरित कर दिया गया। 10 महिला शिक्षिकाओं को भी बालिका गृह में ही भेज दिया गया। देर रात सभी बच्चियों का मेडिकल करवाया गया।
संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव नरेंद्र कुमार के निर्देश पर बाल कल्याण समिति अध्यक्ष भावना पालीवाल, समाज कल्याण अधिकारी मान्धातासिंह, चाइल्ड लाइन के मरूधरसिंह, आसरा विकास संस्था के भोजराजसिंह राठौड़ ने पुलिस उप अधीक्षक राजेंद्रसिंह के नेतृत्व में पुलिस जाप्ते के साथ छापा मारा गया।
प्रारंभिक जांच के मुताबिक राजमहल होटल में कथित आध्यात्मिक गऊमुख स्कूल में 67 बच्चियों को आध्यात्मिक ज्ञान दिया जा रहा था। इनकी उम्र 12 से 17 वर्ष के बीच बताई जा रही है। बाल कल्याण समिति की प्रारंभिक जांच में कई बच्चियों के माता-पिता नहीं होने की बात सामने आई।
अन्य बच्चियां परिजनों की सहमति से आध्यात्मिक ज्ञान पाने आई, मगर इसका कोई अधिकृत दस्तावेज स्कूल की शिक्षिकाएं नहीं बता पाई। बहुमंजिला भवन को दस दिन पहले पतरों की फीटिंग कर ऐसा पैक कर दिया, जिससे न तो अंदर कोई झांक सके और न ही बच्चियां बाहर देख सकें।
संदिग्ध गतिविधि मिली
होटल में आध्यात्मिक ज्ञान देने की बातें संदिग्ध लगी। एनजीओ एवं स्कूल पंजीकृत नहीं मिला। नेपाल सहित 8 राज्यों की बच्चियां थी, मगर पुलिस को सूचना तक नहीं दी। शिक्षिकाएं कोई ठोस अधिकृत दस्तावेज भी नहीं बता पाई। इसलिए सभी बच्चियों को बालिका गृह में शिफ्ट कर दिया है। मेडिकल करवा लिया। अब जांच के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
भावना पालीवाल, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति राजसमंद





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