सीकर. लाठी व सरियों से मारपीट का शिकार हुआ छात्रनेता घटना के 78 दिन बाद भी होश में नहीं आ पाया है। इतने दिनों बाद भी वह ना तो कुछ बोल पा रहा है ना ही कुछ समझा पा रहा है। जबकि परिजन दिन रात उसके पास बैठे उसके होश में आने का इंतजार कर रहे हैं। इंतजार कर रहे हैं कि मनजीत एक बार फिर अपने पैरों पर खड़ा होगा।
बतादें कि पांच मई को एनएसयूआई के छात्र नेता मंजीत पर प्राण घातक हमला हुआ था। उसके भाई कमल का कहना है कि हमलावरों ने उसे इतना पीटा था कि अभी तक मंजीत को होश नहीं आया है। जबकि मंजीत का उपचार वे लोग जयपुर में भी करा चुके हैं। चिकित्सकों के अनुसार मंजीत को ठीक होने में दो से तीन महीनों का वक्त और लग सकता है।
बेटे को देखकर भर आती है मां की आंख
मनजीत की इस हालत को देखकर मां रामकोरी की आंख बार बार भर आती है। लेकिन, करें क्या? बूढ़ी मां उसे दिनभर सहलाती रहती है। उधर, 12 महीने की ना समझ बेटी उसकी अंगुलियों को पकड़कर अठखेलियां करती है, तब तो हर किसी की आंख नम हो जाती है।
यह था मामला
फकीपुरा का मंजीत सिंह जो कि, बीबीपुर में एक शादी समारोह से वापस घर लौट रहा था। भढ़ाढर के पास एक गाड़ी में सवार होकर आए आठ-दस लोगों ने उस पर हमला कर दिया था। जिसके कारण उसके सिर व हाथ-पैर में चोट आई। इसके बाद मंजीत की हालत गंभीर होने पर उसे जयपुर रैफर कर दिया गया था। पुलिस रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि कॉलेज की पढ़ाई के दौरान मंजीत की कइयों से रंजिश थी। जिसके कारण उस पर जानलेवा हमला किया गया है। जिनमें दर्जनभर लोग शािमल हैं। इधर मामले में परिजनों ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका का आरोप है कि पुलिस मामले में ढि़लाई बरत रही है। इसी का नतीजा है कि घटना को तीन महीने बीतने को हैं और पुलिस अभी तक उसके आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।





No comments:
Post a Comment