दौसा/बांदीकुई। दौसा जिले के बांदीकुई में प्रधानाचार्य की एक ऐसी करतूत सामने आई है जिसे सुनकर कोई भी मां-बाप अपने बच्चे को स्कूल भेजने से पहले बार-बार सोचने को मजबूर हो जाए। दरअसल, विद्यार्थियों का सरपंच से पोषाहार की शिकायत करना प्रधानाचार्य को इतना नागवार गुजरा कि उन्होंने विद्यालय के कई छात्रों की बेरहमी से पिटाई कर डाली। इसके बाद 8 विद्यार्थियों को राजकीय चिकित्सालय में भर्ती करवाना पड़ा। हालांकि प्रधानाचार्य ने इस बात से इनकार किया है। मामला दौसा जिले के बांदीकुई उपखण्ड स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भांवता-भांवती का है। नाराज अभिभावकों ने मंगलवार को भी विरोध प्रदर्शन किया। सूचना पर शिक्षा विभाग के जिलाशिक्षा अधिकारी भी मौके पर पंहुचे।
अभिभावकों ने विद्यालय में किया हंगामा
अभिभावकों व ग्रामीणों ने विद्यालय में हंगामा कर दिया। इसके बाद कोलवा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत करवाया। छात्रों ने बताया कि उन्हें तीन-चार रोज से पोषाहर नहीं मिल रहा है। इसकी शिकायत सरपंच से कर दी। सरपंच ने पोषाहार नहीं मिलने का पूछा तो प्रधानाचार्य ने बच्चों की धुनाई कर दी।
नहीं की पिटाई
- विद्यालय के शिक्षक ने बच्चों को उकसा कर सरपंच के पास भेजा। बच्चों से मारपीट करने व पोषाहार मुहैया नहीं कराने जैसी कोई बात नहीं है।
कैलाश चंद गुप्ता, प्रधानाचार्य
वहीं इधर... सीएम राजे ने आंगनबाड़ी केन्द्र के पांच बच्चों को अपने हाथ से दूध पिलाया
डूंगरपुर में आंगनबाड़ी केन्द्रों के कुपोषित एवं जरूरतमंद बच्चों को स्कूल की तर्ज पर ही दूध देने की योजना का विधिवत उद्घाटन सोमवार को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने किया। जनसंवाद कार्यक्रम के लिए डूंगरपुर आईं सीएम राजे ने ऑडिटोरियम भवन में प्रतीकात्मक रूप से आंगनबाड़ी केन्द्र के पांच बच्चों को अपने हाथ से दूध पिलाया। इस दौरान जिला कलक्टर राजेन्द्र भट्ट ने बताया कि दूध वितरण योजना से आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चे वंचित रह गए थे। इस पर पत्रिका ने समाचार प्रकाशित किया था। पत्रिका एवं जिला प्रशासन ने भामाशाहों से संपर्क कर राशि एकत्रित की। इसमें विभिन्न विभागों के कार्मिक भी सहयोग राशि दे रहे हैं। राजे ने इसकी सराहना करते हुए जल्द ही पूरे प्रदेश में नवाचार को लागू करने की बात कही।





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