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Big News: थम गए 90 लाख ट्रकों के पहिए, महंगी हो सकती हैं खाने-पीने की चीजें

नर्इ दिल्ली। ट्रक आैर बस आॅपरेटर्स के संगठन अाॅल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) पर शुक्रवार को शुरू हो गई। इस हड़ताल में करीब 90 लाख ट्रक ऑपरेटर और 50 लाख बस ऑपरेटर शामिल हैं। यह ट्रक और बस ऑपरेटर डीजल की कीमतों में कटौती, ई-वे बिल में बदलाव, थर्ड पार्टी बीमा का प्रीमियम कम करने और टीडीएस कटौती जैसे नीतिगत बदलावों की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में AIMTC की सरकार से कई बार बातचीत भी हो चुकी है लेकिन कोई समझौता नहीं होने के कारण ट्रक और बस ऑपरेटर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं।

बढ़ सकती है महंगाई

अाॅल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के आह्वान पर बुलाई गई इस देशव्यापी हड़ताल से ट्रकों के पहिए जगह-जगह थम गए। ट्रक ऑपरेटरों की इस हड़ताल से माल की आवाजाही पर असर पड़ सकता है। जानकारों का मानना है कि यदि ट्रकों की हड़ताल जल्द समाप्त नहीं होती है तो इसका असर आम आदमी के जीवन पर पड़ सकता है और आवश्यक माल की पूर्ति नहीं होने पर महंगाई पड़ सकती है।

 

स्कूली बच्चे रहे परेशान

ट्रक-बस ऑपरेटरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के पहले दिन बड़ी संख्या में स्कूली बसों के पहिए थम गए। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, नोएडा, गुरुग्राम समेत देश के सभी बड़े शहरों में शुक्रवार को स्कूली बसें नहीं चलीं। बसों की हड़ताल के कारण सबसे ज्यादा समस्या स्कूली बच्चों को हुई। बसें नहीं चलने के कारण बच्चों को दूसरे साधन से स्कूल जाना पड़ा। इस दौरान अभिभावक भी परेशान दिखे।

ये हैं प्रमुख मांगें

- डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए। इसके अलावा सभी राज्यों में डीजल की दरें एक समान की जाएं।

- टोल कलेक्शन सिस्टम को बदला जाए। टोल के मौजूद सिस्टम से टोल प्लाजा पर ईंधन और समय का नुकसान होता है। इससे ट्रक ऑपरेटरों को हर साल 1.5 लाख करोड़ रुपए का नुकसान होता है।

- थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम से जीएसटी को हटाया जाए। साथ ही इससे एजेंट को मिलने वाले अतिरिक्त कमीशन को भी खत्म किया जाए।

- इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 44AE में प्रिजेंप्टिव इनकम के तहत लगने वाले टीडीएस को बंद किया जाए।

- ट्रक ऑपरेटरों को राहत देने के लिए ई-वे बिल में बदलाव किया जाए।



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