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स्टॉकिस्ट के हवाले हुआ प्याज, बिगड़ा बजट

सीकर. देशभर की मंडियों में प्याज की आपूर्ति कम होने का असर सीकर थोक मण्डी व खुदरा बाजार में नजर आने लगा है। वजह रोजमर्रा की जरूरत प्याज के भाव स्टॉकिस्टों के हवाले हो जाना है। इससे प्याज के भाव तेजी आने लगी है। सीकर थोक मंडी में मंगलवार को प्याज के थोक भाव 560 रुपए मण बोले गए। कई वर्षो बाद जुलाई माह में आई तेजी से रसोई का बजट भी बिगड़ रहा है। इधर कई स्टॉकिस्टों ने किसानों के खेतों में प्याज के स्टॉक लगा रखे हैं। हाल यह हो गया कि मंडियों में अच्छी किस्म का प्याज आना ही कम हो गया है। गौरतलब है कि शेखावाटी में इस बार प्याज की बुवाई 18 हजार पांच सौ हैक्टेयर में की गई है।

तेजी के कारण

बारिश होने पर प्याज खराब होने लगता है। प्याज के भावों में तेजी रहती है। इस कारण किसानों ने प्याज को रोकना शुरू कर दिया। इससे प्याज के भावों में तेजी आई। थोक व्यापारी नेमीचंद दूजोद ने बताया कि अच्छे भाव मिलने की उम्मीद के चलते स्टॉकिस्ट व किसान भी मंडी या खुले बाजार में प्याज की कम आपूर्ति कर रहे हैं। सीकर थोक मण्डी में मंगलवार को प्याज के भाव 13 से 14 रुपए व खुदरा में 20 से 25 रुपए प्रतिकिलोग्राम तक पहुंच गए।

यहां है स्टॉकिस्टों का जोर

सीकर जिले में पथरीली मिट्टी वाले क्षेत्रों में अभी भी अच्छा प्याज होने से स्टॉकिस्ट इन क्षेत्रों में अधिक सक्रिय हैं। सीकर के थोक व खुदरा व्यापारियों की मानें तो जिले के लोसल, मण्डा, गुरारा, गुहाला, उदयपुरवाटी, खाटूश्यामजी, पलसाना आदि इलाके में खेतों में प्याज का भरपूर स्टॉक है। हालांकि किसान के खेत में रखा होने से इसे व्यापारी का प्याज सिद्ध करना मुश्किल है। थोक मंडी में इस समय कुचामन, रानोली क्षेत्र का प्याज आ रहा है।

अब अगली फसल पर नजर

जिले में उत्पादित प्याज नवम्बर माह तक चलता है। इस दौरान नया प्याज नहीं आने से तेजी आती है। थोक व्यापारियों की माने तो किसान इस समय कम गुणवत्ता का प्याज ही ला रहे हैं। अच्छी किस्म के प्याज को स्टॉक कर रहे हैं। इससे आमजन को दीपावली तक महंगा प्याज लेना पड़ेगा। जबकि बरसात होने के बाद यूपी, पंजाब, हरियाणा में प्याज की खपत कम होने से इसके बावजूद भावों में तेजी आई है।

इनका कहना है

सीकर में प्याज की अच्छी पैदावार हुई है। इससे स्टॉकिस्टों की नजरें शेखावाटी में प्याज उत्पादक क्षेत्रों पर टिकी हुईं हैं, लेकिन किसानों ने प्याज रोक लिया है। इससे मंडी में आपूर्ति में कमी आई है।

- रामचन्द्र सैनी, थोक व्यापारी

जिले में कई किसानों ने प्याज का स्टॉक कर रखा है। किसानों को प्याज के भावों में तेजी आने का इंतजार है।

- गोविंदराम शेषमा, किसान

जिले के प्याज में पानी की मात्रा अधिक होने व बारिश की नम हवाओं से हर बार गुणवत्ता प्रभावित होती है। भावों में कुछ तेजी आई है। ऐसे में स्टॉक किए प्याज के भाव किसानों को अच्छे मिल सकेंगे

- गोरधन कुमार, किसान



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