अलवर. खनन माफिया ने जिले की अरावली पहाडिय़ों को अवैध खनन कर कितना छलनी किया, इसका पता फोरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया (एफएसआई) सर्वे की मौका रिपोर्ट लग सकेगा। जिला कलक्टर ने सर्वे रिपोर्ट की तथ्यात्मक जांच के लिए खान, वन एवं राजस्व विभाग की टीम गठित की है। यह टीम मौके पर जाकर रिपोर्ट तैयार कर तीन महीने में सौंपेगी।
अलवर जिला सहित प्रदेश की अरावली पवर्तमाला में बढ़ते अवैध खनन का पता लगाने के लिए फोरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया ने पूर्व में अलवर सहित प्रदेश के 17 जिलों में सैटेलाइट के माध्यम से सर्वे कराया। सर्वे के दौरान अकेले अलवर जिले में करीब 277 स्थानों पर खनन पाया गया। बाद में गत मई माह में एफएसआई ने अवैध खनन को लेकर अपनी रिपोर्ट नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) को सौंपी गई। एनजीटी ने एसएफआई सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक खनन क्षेत्रों की सीडी बनाकर अवैध खनन प्रभावित जिलों में संबंधित विभागों को भेजी गई। सर्वे रिपोर्ट की तथ्यात्मक जांच ने गत जून माह में तीन विभागों की संयुक्त टीम बनाकर मौका निरीक्षण के निर्देश दिए। हालांकि टीम की मौका रिपोर्ट अभी संबंधित विभागों को नहीं मिल सकी है, लेकिन इसमें अलवर सहित प्रदेश की अरावली पवर्तमाला में हो रहे अवैध खनन की हकीकत सामने आने की उम्मीद है।
अब संयुक्त टीम मौके पर पहुंच करेगी जांच
एफएसआई की सर्वे रिपोर्ट में अलवर जिले में अरावली पर्वतमाला पर 277 स्थानों पर खनन मिला है। अब संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर खनन की वैद्यता की जांच करेगी। सूत्रों के अनुसार सैटेलाइट सर्वे में बताए गए खनन क्षेत्र स्थल नरेगा के बड़े कार्य व अनुपयोगी मलबा भी हो सकते हैं। यानि संयुक्त कमेटी तय करेगी कि अलवर जिले में कहां-कहां अवैध खनन और कहां पर वैेध खनन हो रहा है। संयुक्त कमेटी अब तक 48 खनन क्षेत्रों को मौका निरीक्षण कर चुकी है। हालांकि पिछले दिनों उच्चतम न्यायालय के आदेश पर सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी ने भी अलवर व हरियाणा में अवैध खनन व अवैध क्रशर संचालन का मौका निरीक्षण किया, लेकिन खान माफिया को इसकी पूर्व में ही भनक लगने से टीम को खाली हाथ ही लौटना पड़ा।
कहां हो रहा है अवैध खनन
अलवर में सबसे अधिक अवैध खनन हरियाणा से सटे सीमा क्षेत्र में होता है। इनमें तिजारा, भिवाड़ी, किशनगढ़, खैरथल, रामगढ, बहरोड़ नीमराणा शामिल है। इसके अलावा अलवर, राजगढ़, मालाखेडा, लक्ष्मणगढ़, कठूमर सहित जिले के अन्य हिस्सों में भी अवैध खनन खुलेआम चल रहा है।
प्रशासन पहले ही सौंप चुका रिपोर्ट
जिला प्रशासन की ओर से पूर्व में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में पेश रिपोर्ट के मुताबिक अलवर जिले को अवैध खनन से 430.80 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। वहीं अरावली की पहाडिय़ों से 5 करोड़ 22 लाख 83 हजार 390 मीट्रिक टन खनिज अवैध खनन कर निकाला गया। वहीं हरियाणा की सीमा में 379 क्रशरों को चिह्नित किया गया है, जिन पर अवैध खनन कर ले जाता रहा है।





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