जालोर/ सियाणा. बागरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत पिछले दिनों बुजुर्ग की संदिग्ध मौत के मामले में परिजनों और ग्रामीणों की ओर से पुलिस पर ढिलाई बरतने के साथ विरोध जारी है। मामले में उचित कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीणों ने एसपी जालोर को ज्ञापन सौंपा। सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि २०१४ में पंचायती राज चुनाव के समय पंचायत समिति जालोर वार्ड संख्या १७ सदस्य के लिए अर्जुन पुत्र चतराराम व चेताराम पुत्र पकाराम भील निवासी बागरा प्रत्याशी थे। चुनाव में अर्जुन विजयी रहा। जिससे चेताराम व उसके परिवार ने अर्जुन के परिवार से रंजिश रखना शुरू कर दिया। रंजिश को लेकर अर्जुन की बहन के साथ मारपीट की। जिसका मामला सुरेश कुमार ने बागरा थाने में २२ जून 2018 को दर्ज करवाया था। घटना से पूर्व भी चेताराम व उसके परिवार वाले अर्जुन व उसके परिवार वालों को जान से मारने की धमकियां देते थे। जिसकी पूर्व में भी सुरेशकुमार पुत्र वचनाराम द्वारा बागरा थाने में रिपोर्ट दी गई थी, लेकिन आरोपित चेताराम पुत्र पंकाराम जालोर प्रधान संतोष राणा का पति है। इसलिए पुलिस थाना बागरा द्वारा ढिलाई बरती गई। ज्ञापन में इन्हीं लोगों पर वचनाराम की हत्या करने का आरोप है। ज्ञापन में बताया गया है कि घटना से एक दिन पूर्व वचनाराम की पुत्री जनता के साथ मारपीट की जिसका वचनाराम के पुत्र द्वारा आरोपित व्यक्तियों के विरूद्ध मुकदमा दर्ज करवाया था। जिससे यह लोग काफी नाराज हो गए थे।वचनाराम के पुत्र सुरेशकुमार ने आरोपितों के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की रिपोर्ट भी बागरा थाने में दी गई, लेकिन आरोपित प्रधान संतोष राणा का पति व ससुर खुले घूम रहे हैं। ज्ञापन में बताया गया है कि वचनाराम शराब नहीं पीता था, जबकि उसके शव के पास शराब की खाली पव्वे रखे हुए थे। पुलिस ने जब्त भी किए। मृतक वचनाराम के शरीर पर चोट के निशान होने के बावजूद पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी नहीं दिया गया।





No comments:
Post a Comment