अजमेर
केरल कोच्चि बंदरगाह पर नौ सेना के निर्माण में वित्तीय अनियमिता पर सीबीआई ने रविवार देर रात देशभर में 20 स्थानों पर तलाशी ली। सीबीआई ने नौ सेना के मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज के चीफ इंजीनियर आर. के. गर्ग, अजमेर के ठेकेदार समेत छह जनों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से सीबीआई ने रिश्वत के तौर पर दिए गए 1.21 करोड़ रुपए मिले हैं।
सीबीआई ने तड़के केसरगंज चटाई मोहल्ले में सुबोध जैन और प्रफुल्ल जैन के घर छापा मारा। चीफ इंजीनियर आर. के. गर्ग ने ठेकेदार प्रफुल्ल जैन नौसेना में ठेके के बदले एक फीसदी की रिश्वत 89 लाख रुपए की रकम मांगी थी।
प्रफूल्ल ने अपने रिश्तेदार सुबोध जैन के जरिए 38 लाख रुपए का इंतजाम किया था। सोमवार को सीबीआई ने प्रफुल्ल जैन की निशानदेही पर सुबोध जैन को अजमेर में 38 लाख रुपए का इंतजाम करते पकड़ा। सीबीआई प्रफूल्ल के साथ सुबोध जैन को भी दिल्ली साथ ले गई।
सीबीआई ने अजमेर, दिल्ली, कोच्चि (केरल), कोलकाता, हिसार व रोहतक(हरियाणा) समेत 20 स्थानों पर कार्रवाई की। सीबीआई ने देशभर में कार्रवाई के दौरान 3.97 करोड़ रुपए और 6 किलो सोने के बिस्किट व कई दस्तावेज बरामद किए।
चीफ इंजीनियर के सम्पर्क में था प्रफूल्ल
सीबीआई पड़ताल में सामने आया कि चीफ इंजीनियर गर्ग ठेकेदारों के सम्पर्क में था। वह केरल कोच्चि बंदरगाह पर ठेके दिलवाने के नाम पर सीधी रिश्वत लेता था। अजमेर के प्रफुल्ल जैन से सम्पर्क में था। सीबीआई ने 1 जुलाई को केरल कोच्चि स्थित बंदरगाह पर कार्यरत चीफ इंजीनियर आर.के. गर्ग को गिरफ्तार किया था।
ठेकेदारों से मांगी थी राशि
सीबीआई ने चीफ इंजीनियर आर.के. गर्ग को ठेकेदारों से रिश्वत मांगने का आरोप में गिरफ्तार किया था। गर्ग ने ठेकेदारों से हवाले के जरिए करीब 1.21 करोड़ रुपए की रकम हासिल की थी।
बड़े कारोबारी हैं अजमेर में
अजमेर में कई बड़े कारोबारी ठेकेदारी, कबाड़ी और अन्य कामकाज कर रहे हैं। इनके कनेक्शन देश के बड़े व्यापारियों, औद्योगिक घरानों से हैं। इसके चलते इनकी विभिन्न क्षेत्रों में आवाजाही बनी रहती है।





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