दौसा. केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन के तहत दौसा जिले में चाहे करोड़ों रुपए खर्च किए गए हो, लेकिन जब स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग घोषित की गई तो स्थिति ढाक के तीन पात वाली निकली। इस वर्ष की रैंकिंग में बांदीकुई व लालसोट नगर पालिका तो फिसड्डी रही। हालांकि दौसा नगर परिषद ने स्वच्छ भारत मिशन में कुछ पायदान चढ़कर राज्यस्तर पर अण्डर 30 में स्थान में बनाया है।
वास्तविकता भी यही है कि तीनों निकाय क्षेत्र में आज भी स्वच्छता कोसों दूर दिखाई देती है। शहरों में अभी तक कचरा निस्तारण के लिए निर्धारित स्थान नहीं किया गया है। करोड़ों रुपए खर्च कर कागजों में शहरों व गांवों को ओडीएफ घोषित कर दिया गया गया हो, लेकिन स्थिति बिल्कुल विपरीत है।
अभी भी ओडीएफ घोषित गांवों, कस्बों व शहरों में महिलाओं व पुरुषों को सुबह के समय खुले में शौच करते देखा जा सकता है। प्रशासन द्वारा भी ठोस कार्रवाई नहीं होने से यह लोग स्वच्छता की धज्जियां उड़ा रहे हैं। पिछले वर्ष तो केवल महानगरों सहित बड़े शहरों की ही रैंकिंग घोषित की गई थी।
नसीहत देने वाला भी स्वच्छता से परे
दौसा जिला मुख्यालय पर तो हालत यह है कि दूसरों को नसीहत देने वाले रामकरण जोशी अस्पताल के पिछवाड़े कचरा संग्रहण कर निस्तारण किया जा रहा है। कई बार तो कचरे को जलाने के दौरान उठने वाली प्रदूषित धुआं से मरीजों का दम घुटने लगता है। इसके अलावा मृत जानवरों को डालने का भी स्थान निर्धारित नहीं किया गया है। इस कारण मृत जानवरों की उठती दुर्गंध से लोगों का श्वास लेना तक मुश्किल हो जाता है।
यह है रैंकिंग में स्थिति
सूत्रों के अनुसार स्वच्छ भारत मिशन के तहत कुल वेस्ट जोन 875 में दौसा को 394 तथा राज्य स्तर पर कुल 162 निकायों में से दौसा नगर परिषद को 29वीं रैंक मिली है। इसी प्रकार लालसोट को राज्य स्तर पर 152 तथा बांदीकुई को 147 वीं रैंक मिली है। जबकि इण्डियन वेस्ट जोन में बांदीकुई को 829 तथा लालसोट को 808वीं रैंक मिली है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत बांटी गई श्रेणियां
सर्विस लेवल प्रोग्रेस कुल अंक 1400 लक्ष्य अर्जित 147
डाइरेक्ट ओब्जर्वेशन 1200 864
सिटीजन फीडबैक 1400 106
खूब कार्य कराए हैं
स्वच्छ भारत मिशन के तहत दौसा नगर परिषद क्षेत्र में लोगों को जागरूक करने के लिए नुक्कड नाटक, सांस्कृतिक संध्या, चित्रकला प्रतियोगिता सहित कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। शहर के चारों कोनों में सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कर लोगों को सहूलियत प्रदान की। इसके अलावा लोगों को शौचालयों निर्माण का समय पर भुगतान कर परिषद के सभी चालीस वार्डों को ओडीएफ घोषित किया गया।
अंकित अग्रवाल, कनिष्ठ अभियंता नगर परिषद, दौसा





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