पाली. कॉलेज निदेशालय की ओर से अभी तक छात्रसंघ चुनावों को लेकर कोई भी गाइड लाइन जारी नहीं की गई है। लेकिन, छात्रसंघ चुनाव को लेकर जिले के सभी सरकारी कॉलेज कैंपस का माहौल गर्माने लगा है। छात्रसंघ के प्रतिनिधित्व का सपना पालने वाले छोटे नेताजी ने कॉलेज शुरू होने के साथ ही चुनावी अभियान में जुटकर स्टूडेंट्स से मेल-जोल बढ़ाना शुरू कर दिया है। साथ ही प्रमुख छात्र संगठनों के पदाधिकारियों के समक्ष भी अपने लिए टिकट की जोड़-तोड़ कर रहे हैं। लेकिन, छात्रनेता कॉलेज कैंपस की राजनीति को शहर में दिखा रहे है। छात्रनेताओं ने अपने प्रचार प्रसार के अभी पूरे शहर की दीवारों को गंदा कर रखा है। जबकि, लिंगदोह कमेटी के नियमों के तहत कोई भी छात्रनेता कॉलेज कैम्पस के बाहर अपने प्रचार-प्रसार के लिए किसी भी प्रकार का पोस्टर लगाना या कार्यक्रम नहीं कर सकता। इसके साथ ही छात्रसंघ चुनाव को लेकर कॉलेज निदेशालय ने भी गत वर्षो की गाइडलाइनों में साफ तौर पर चुनावी गतिविधियों को कॉलेज परिसर के बाहर नहीं आने के साफ निर्देश दिए है। इसके साथ ही चुनाव की खर्च सीमा भी ५ हजार रुपए रखी गई है।
धार्मिक स्थल पर नहीं होगी चुनावी सभा
कॉलेज अधिकारियों के अनुसार छात्र नेता किसी भी धार्मिक स्थल पर अपनी सभा का आयोजन नहीं करेगा। भले ही वह धार्मिक स्थल कॉलेज परिसर के अंदर हो या शहर के किसी भी स्थान पर। अगर, छात्र नेता धार्मिक स्थल पर अपनी सभा करता है तो वह लिंगदोह कमेटी के नियमों का उल्लंघन कीदिया जाएगा। श्रेणी में आएगा।
कॉलेज के गेट में बाहर नहीं कर सकते कार्रवाई
कॉलेज प्रशासन कॉलेज गेट के बाहर किसी भी प्रकारण की कार्रवाई नहीं कर सकता। छात्रनेता अगर शहर की दीवारों पर पोस्टर लगा रहे है तो इस पर नगर परिषद कार्रवाई करेगी। हालांकि, अभी तक कॉलेज प्रशासन के पास छात्रसंघ चुनाव को लेकर कोई भी निर्देश या कार्यक्रम नहीं आया है।
- डीके नवलखा, प्राचार्य, बांगड़ कॉलेज, पाली





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