जैसलमेर.
जैसलमेर रेलवे स्टेशन के पास गुरुवार को जिस बांग्लादेशी नागरिक मोहम्मद इब्राहिम को पुलिस ने पकड़ा। वह यह सोचकर जैसलमेर पहुंचा कि जैसे उसने दलाल को पैसा देकर आसानी से बांग्लादेश बॉर्डर पार कर लिया। वैसे ही यहां से पाकिस्तान की सीमा भी क्रॉस कर जाएगा। यह खुलासा इब्राहिम से खुफिया एजेंसियों की ओर से की गई संयुक्त पूछताछ में हुआ है। इब्राहिम ने सोचा, वह किसी एजेंट को पैसा देकर जैसलमेर से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर सकता है। पूछताछ में इब्राहिम से अन्य कोई आपत्तिजनक जानकारी नहीं मिली। लिहाजा पुलिस इसी आधार पर आगे कार्रवाई करेगी।
दलाल के मार्फत पार किया बॉर्डर
पश्चिम बंगाल के बांग्लादेश से लगते जिस सीमा क्षेत्र से इब्राहिम ने अवैध रूप से दलाल के मार्फत बॉर्डर पार किया, वहां पुलिस संबंधित एजेंसियों से उसकी जानकारी साझा करेगी। मोहम्मद इब्राहिम के साथ दिल्ली तक अवैध रूप से बॉर्डर पार करवाने वाला दलाल तथा दो अन्य बांग्लादेशी भी थे। वहां से वे तीनों जने उसे छोडकऱ गायब हो गए, जिस दलाल कालू बथान को इब्राहिम ने भारतीय सीमा में प्रवेश करवाने के सात हजार रुपए दिए थे, उसने अन्य दो जनों से 10-10 हजार रुपए लिए थे।
फिर किया ख्वाजा साहब का शुक्रिया अदा
गौरतलब है कि 46 वर्षीय इब्राहिम बांग्लादेश के राधानगर, जिला सांगोल्या नया का रहने वाला है। वह यहां से पाकिस्तान जाने की फिराक में था। जानकारी में यह भी सामने आया है कि मोहम्मद इब्राहिम हर्निया से पीडि़त था। उसने अजमेर के ख्वाजा साहब से दुरुस्त होने की दुआ मांगी थी। ठीक होने के बाद वह ख्वाजा साहब का शुक्रिया अदा करने अजमेर पहुंचा। इब्राहिम अजमेर में 10-11 दिन रहा, जहां पैसा खत्म होने पर उसने दरगाह के बाहर भीख मांगी और पैसा जमा होने के बाद वहां से जयपुर चला गया। जयपुर से उसने जैसलमेर के लिए इंटरसिटी पकड़ी।
सऊदी जाकर पैसा कमाना चाहता था
पत्रिका पड़ताल में यह बात भी सामने आई है कि इब्राहिम भारत में जैसलमेर बॉर्डर पार कर पाकिस्तान जाना चाहता था। जहां से उसकी हसरत सऊदी अरब पहुंचने की थी। सऊदी अरब में वह पैसा कमाना चाहता था और हज करने की भी उसकी योजना थी। बताया जा रहा है कि दो साल तक सऊदी अरब में रहकर वह पुन: बांग्लादेश जाने की योजना बनाए हुए था। वह सीमा सुरक्षा बल की बैनापुल पोस्ट के पास से भारत में अवैध रूप से दाखिल हुआ तथा उत्तर प्रदेश के बिजनौर शहर से दिल्ली पहुंचा। उस दिन 22वां रोजा था। उसने ईद अजमेर में मनाई।
बजरंगी भाईजान कि तरह आया पेश
‘बजरंगी भाईजान’फिल्म में जिस तरह सलमान खान बिना पासपोर्ट पाकिस्तान जाने की बात बड़ी आसानी से हर किसी से बता देता है। कुछ वैसे ही जैसलमेर पहुंचे मोहम्मद इब्राहिम ने किया। जानकारी के मुताबिक यहां रेलवे स्टेशन के बाहर निकलते ही एक नाश्ते वाले से उसने बॉर्डर का पता पूछा। साफ-साफ बता भी दिया कि वह बॉर्डर पार कर पाकिस्तान जाना चाहता है। उसने अपनी पहचान भी नहीं छिपाई और उपस्थित लोगों को बता दिया कि वह बांग्लादेश से आया है। जिसके बाद पुलिस को जानकारी दी गई और वह धर लिया गया। बांग्लादेश में अनेक बिहारी मजदूरों के साथ काम करते हुए उसने हिंदी सीख ली। लिहाजा यहां उसे किसी के भी साथ बातचीत करने में दिक्कत नहीं आई।





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