सवाईमाधोपुर. अन्नपूर्णा दुग्ध वितरण योजना का सोमवार को आधी अधूरी तैयारी के साथ आगाज कर दिया गया। हालांकि जोरशोर से शुरू की गई योजना विद्यार्थियों को ही रास नहीं आई, क्योंकि दूध मीठा नहीं था। सरकार ने जिले में दूध के बर्तन व अन्य सामग्री के प्रबंध के लिए 1 करोड़ 30 लाख 99 हजार रुपए का बजट जारी किया है, लेकिन सरकार चीनी के लिए बजट का आवंटन नहीं किया। योजाना के पहले ही दिन सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों को बिना चीनी के फीका दूध ही पिला दिया गया।
पर्याप्त बर्तनों का अभाव
भले ही सरकार ने शक्कर के लिए बजट आवंटन नहीं किया, लेकिन बर्तन आदि के लिए बजट जारी किया गया है। सरकारी विद्यालयों में नामांकन के आधार पर बच्चों को दूध के लिए गिलास खरीदे जाने थे, लेकिन पहले दिन गिलास कम पड़ते नजर आए। ऐसे में विद्यालयों में गिलासों की कमी के कारण कतार में इंतजार करना पड़ा।
- राज्य सरकार का मानना है कि दूध में प्राकृतिक रूप से ही मीठापन होता है। ऐसे में छोटे बच्चों को दूध में चीनी डालकर नहीं पिलाना चाहिए। चीनी के लिए बजट नहीं है। ऐसे में फीका दूध ही दिया गया।
चन्द्रशेखर शर्मा, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी, प्रारंभिक, सवाईमाधोपुर।
मलारना डूंगर. राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मलारना डूंगर में सरपंच मुकेश नावरिया ने, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बहतेड़ में सरपंच शाहिना बानो ने, राबामावि मलारना डूंगर में भाजपा जिला मंत्री नवल किशोर मंगल ने, ंस्कृत विद्यालय जस्टाना में कालूराम मीणा ने, राप्रावि भारजा गद्दी एसएमसी सदस्य मोती लाल मीणा, सिद्दीक खान ने, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय रसूलपुरा में भी बालकों को दूध पिलाया।
पीपलदा. राउमावि पीपलदा में मुकेश मीना सरपंच की उपस्थिति में बच्चों को दूध वितरण किया। राउमावि जस्टाना, राबाउप्रावि कोड्याई में भी दूध वितरण किया।
बौंली. स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल व राउमावि में सरपंच राजेश गोयल व स्कूल विकास प्रबंधन समिति के सदस्यों की मौजूदगी में बच्चों को दूध पिलाया।
पीपलवाड़ा. सवांसा नदी राजकीय प्राथमिक विद्यालय में सरपंच भैरूलाल मीणा ने विद्यार्थियों को दूध वितरित किया।





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