प्रवीणसिंह चौहान/ कल्पेश मालवीय
पाली. ट्रेन में सफर करने के लिए स्टेशन में प्रवेश से पहले टिकट लेना आवश्यक होता है। उसके बाद ही यात्री स्टेशन में प्रवेश करता है। लेकिन, पाली जिले में एक ट्रेन ऐसी भी है, जिसका टिकट ट्रेन के साथ ही आता है। किसी भी यात्री को उस ट्रेन में सफर करने से पहले ट्रेन के आने का इंतजार करना पड़ता है। ट्रेन के अंतिम डिब्बे से यात्री टिकट लेंगे, उसके बाद ही ट्रेन रवाना होगी। यह नजारा प्रतिदिन पाली जिले के राणावास में नजर आता है। यह ट्रेन मारवाड़ जंक्शन से मावली जंक्शन के बीच चलती है। मानसून के समय पूरे प्रदेश के पर्यटकों को यह ट्रेन काफी लुभाती है। सीजन के समय अरावली पर्वतमाला स्थिति पर्यटन स्थल गोरमघाट तक पहुंचने के लिए यह ट्रेन एक मात्र साधन है।
वर्षों से बंद पड़ा है स्टेशन
दरअसल, पिछले 3-4 वर्ष से राणावास रेलवे स्टेशन बंद पड़ा है। इस रूट पर एक ट्रेन मारवाड़ से मावली जंक्शन तक चलती है। प्रतिदिन इसमें औसत यात्री सफर करते हैं। लेकिन, मानसून के सीजन में इस ट्रेन में पर्यटकों की भीड़ रहती है। पूरे प्रदेश से गोरमघाट घूमने के लिए आने वाले पर्यटक इसमें सफर करते हैं। लेकिन, स्टेशन बंद होने से यात्रियों को टिकट नहीं मिल पाता। इसके चलते इस ट्रेन में ड्यूटी करने वाला टीटी ही यात्रियों को ट्रेन आने के बाद टिकट देता है। यात्री ट्रेन में बैठने से पहले इस ट्रेन के अंतिम डिब्बे में बैठे टीटी से टिकट लेते हैं। फिर ट्रेन का सफर करते हैं।
गोरमघाट जाने के लिए एक मात्र ट्रेन
पाली व राजसमंद जिले की सीमा के बीच अरावली पर्वतमाला पर गोरमघाट पर्यटन स्थल है। यहां ऊंचाई से बहने वाला झरना व हरी-भरी वादियां सभी को रोमांचित करती है। गोरमघाट पहुंचने के लिए पर्यटकों के लिए यह ट्रेन ही एक मात्र साधन है। गोरमघाट के अलावा पर्यटकों को इस ट्रेन का सफर भी काफी सुहावना लगता है। टे्रन के अभाव में पर्यटकों को फूलाद स्टेशन से करीब दो-तीन किलोमीटर का पैदल सफर तय कर गोरमघाट पहुंचना पड़ता है।
खर्च ज्यादा होने से बंद है स्टेशन
- टिकटों की बिक्री के मुकाबले खर्च अधिक होने के कारण रेलवे प्रशासन ने राणावास स्टेशन को कालांतर में बंद कर दिया। इसके बाद से यात्रियों को टे्रन आने पर टीटी से टिकट लेकर यात्रा करनी पड़ती है।
- अशोक चौहान, जनसम्पर्क अधिकारी, अजमेर रेलवे





No comments:
Post a Comment