पाली. रजिस्टे्रशन के बाद सैकड़ों किसान समर्थन मूल्य पर फसल बेचने के लिए मैसेज का इंतजार करते रह गए। 30 जून से खरीद बंद होने के कारण वे समर्थन मूल्य पर अपनी फसल नहीं बेच पाए। इससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा हैं। किसान अपनी फसल लेकर भटकने को मजबूर हैं।
पाली कृषि मंडी स्थित सरकारी खरीद केन्द्र पर इस बार चने की फसल बेचने के लिए 3 हजार 214 किसान एवं सरसों की फसल बेचने के लिए 225 किसानों ने रजिस्टे्रशन करवाया। खरीद की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण 3 हजार किसानों का ही नंबर आया। चार सौ ज्यादा किसान रजिस्टे्रशन करवाने के बाद भी इंतजार करते रह गए।
इधर, सोमवार को भारतीय किसान संघ द्वारा जिलाध्यक्ष मोडाराम के नेतृत्व में जिला कलक्टर के मार्फत सहकारिता मंत्री के नाम का ज्ञापन सौंपा गया। इसमें रजिस्टे्रशन करवा चुके किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीद की व्यवस्था करने की मांग की गई। इस दौरान उन्होंने किसानों की फसल का भुगतान भी समय पर करने की मांग की।
चने की बम्पर खरीद
पाली कृषि मंडी स्थित सरकारी खरीद केंन्द्र पर इस बार चने की बम्पर खरीद हुई। पाली सेंटर पर 1 लाख 66 हजार बैग चने की एवं 7500 बैग सरसों की खरीद हुई। बाजार दाम के मुकाबले चने का समर्थन मूल्य 1 हजार रुपए तक ज्यादा मिलने के कारण अधिकतर किसानों ने इस बार मंडी का ही रूख किया।
ऐसे कई किसान हमसे रोज मिल रहे हैं, जिन्होंने रजिस्टे्रशन तो करवा लिया। लेकिन मैसेज नहीं आने के कारण उनकी खरीद नहीं हो पाई। हमें सरकार के आदेश का इंतजार हैं।
- भवानीसिंह शेखावत, रिजनल मैनेजर राजफैड
किसानों को ऋण राहत प्रमाणपत्र वितरित
जैतारण। सांगावास स्थित ग्राम सेवा सहकारी समिति परिसर में ऋण राहत पत्रक वितरण समारोह दी पाली सेन्ट्रल कॉ ऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन पुष्पेन्द्रसिंह कुड़की के मुख्य आतिथ्य में हुआ। समिति के व्यवस्थापक बाबूसिंह राजपुरोहित ने बताया कि समारोह मे 563 किसानों को एक करोड़ 67 लाख रुपए का कर्ज माफ किया गया। दी पाली सेन्ट्रल कॉ-ऑपरेटिव बैंक के शाखा प्रबंधक हिम्मतसिह चारण, सरपंच संग्राम चौधरी, जैतारण क्रय विक्रय सहकारी समिति के अध्यक्ष गुणाराम सीरवी, पूर्व प्रधान गजेसिंह निम्बोल, जैतारण नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष भैणाराम गहलोत, स्थानीय समिति के अध्यक्ष बाबू लाल, शिक्षाविद भंवर सिह, हीरा राम, पारस राम सहित क्षेत्र के किसानों ने भाग लिया।





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