पाली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रदेश में हुई रैली के बाद कांग्रेस भी सतर्क हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अब जिलाध्यक्षों से सीधे फीडबैक लेने जा रहे हैं। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी जल्द ही जिलाध्यक्षों से राहुल गांधी की मीटिंग का एजेंडा तय करेगी। मीटिंग के दौरान न केवल जिलाध्यक्षों के कार्यकाल का रिव्यू होगा, बल्कि प्रदेश के राजनीतिक समीकरणों पर भी चर्चा होगी। इसके लिए एआइसीसी ने जिलाध्यक्षों से उनके कार्यकाल और संगठनात्मक गतिविधियों का ब्यौरा मांगा है। दरअसल, देश भर में अपना दायरा सिमटा चुकी कांग्रेस अब अगले विधानसभा और लोकसभा चुनाव की तैयारियों के लिए नए सिरे से रणनीति बना रही है। अगले महीनों में कई प्रदेशों में विधानसभा चुनाव है। इसके बाद लोकसभा चुनाव भी नजदीक होंगे। इसके लिए कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज की है। राष्ट्रीय अध्यक्ष गांधी का राजस्थान के सभी जिलाध्यक्षों से सीधी मुलाकात का एजेंडा तय किया जा रहा है। इसके लिए एआइसीसी ने प्रत्येक जिलाध्यक्ष से लम्बा-चौड़ा ब्यौरा मांगा है। जिलाध्यक्षों को मीटिंग तय होने के बाद दिल्ली बुलाया जाएगा। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी जल्द ही जिलाध्यक्षों से राहुल गांधी की मीटिंग का एजेंडा तय करेगी।
ये भी मांगा ब्यौरा
-जिलाध्यक्ष का कार्यकाल
-जिलाध्यक्ष की जाति
-कांग्रेस पार्टी में कब से
-कांग्रेस अध्यक्ष ने पिछले दस साल में कोई चुनाव लड़ा हो? यदि हां तो जीता या हारा।
-कांग्रेस अध्यक्ष पद रहते हुए लोकसभा, विधानसभा, पालिका या अन्य कोई चुनाव जीता हो।
-आपके जिले में बूथ, मंडल और अन्य कमेटियां कितनी है।
-आपने जिले में कितनी बूथ कमेटियां गठित कर दी। प्रत्येक बूथ पर बीएलए की नियुक्ति कर की या नहीं।
-पिछले एक साल में पीसीसी ने डीसीसी की कितनी मीटिंग में भाग लिया।
इन्होंने कहा...
एआइसीसी ने ब्यौरा मांगा है। राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष चर्चा करेंगे। मीटिंग की तिथि अलग से तय होगी। विधानसभा और लोकसभा चुनाव के समीकरणों पर भी राष्ट्रीय अध्यक्ष चर्चा करेंगे।
चुन्नीलाल चाड़वास, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस





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