दौसा. फर्जी तरीके से भू्रण परीक्षण कराने के लिए गर्भवती महिला को ले जाकर 25 हजार रुपए ऐंठने के आरोप में पीबीआई पुलिस व पीसीपीएनडीटी प्रतिनिधियों ने दलाल व उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर गुरुवार को सीजेएम न्यायालय दौसा में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेजने के आदेश जारी कर दिए।
पीसीपीएनडी दौसा जिला समन्वयक मुनेन्द्र शर्मा ने बताया कि अलवर के बानसूर निवासी दलाल सुरेन्द्र यादव द्वारा गर्भवती महिलाओं के भ्रूण जांच कराने की जानकारी मिली थी। इस पर पीबीआई थाना जयपुर पुलिस एवं पीसीपीएनडी एक्ट प्रतिनिधियों ने दलाल से बोगस ग्राहक बन कर बात की। कई बार बात होने के बाद दलाल ने बताया कि वह गर्भवती महिला का भ्रूण परीक्षण करवा देगा, लेकिन एवज में 25 हजार रुपए लगेंगे। इस पर 18 जुलाई को दौसा मिलने की बात पक्की कर ली। वादे के मुताबिक दलाल 18 जुलाई को दौसा आ गया। इसके बाद उसको शिकंजे में कसने के लिए उसके साथ एक गर्भवती महिला एवं एक जने को भेज दिया। दलाल गर्भवती को कोटपूतली के नारेड़ा कस्बे में एक लैब पर ले गया। वहां पर लैब मालिक ओमप्रकाश यादव मिल गया।
लैब मालिक महिला को एक्सरे के डार्क रूम में ले गया। डार्क रूम में एक डिब्बा रखा हुआ था। महिला की फर्जी तरीके से जांच कर उसको बता दिया कि गर्भ में पुत्र है। इसके बाद महिला के इशारे पर पुलिस एवं पीसीपीएनडीटी प्रतिनिधियों ने दलाल व फर्जी तरीके से भ्रूण परीक्षण करने वाले को दबोच लिया। गुरुवार को इन दोनों को दौसा जिला मुख्यालय स्थित सीजेएम न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया। दौसा पीसीपीएनडीटी जिला समन्वयक ने बताया कि दलाल व लैब मालिक ने इसी प्रकार फर्जी तरीके से करीब 40 महिलाओं का भ्रूण परीक्षण कर लिया।
टीम में पीबीआई थाने के सीआई अरूण चौधरी, सीआई हरिनारायण व पुलिसकर्मी लालूराम, पीसीपीएनडीटी समन्वयक बबीता, मनीषा एवं अलवर जिला समन्वयक गफूर खान आदि मौजूद थे।






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