अलवर/ मालाखेड़ा. नटनी के बारा पर मृत मिले युवक की हत्या के आरोप में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। एक अन्य आरोपी अब भी फरार चल रहा है। पकड़े गए दोनों आरोपियों ने बताया कि पैसे के लिए उन्होंने अलवर वाहिनी लूटी व उसके बाद चालक की हत्या कर दी। सीसीटीवी कैमरों की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंची।
पुलिस अधीक्षक राहुल प्रकाश ने बताया कि धर्मपुरा गांव के पास चन्द्रशेखर सैनी की हत्या के आरोप में धर्मेन्द्र मीणा पुत्र श्रवण लाल मीणा व हरिओम मीणा पुत्र रामजीलाल मीणा निवासी हांडिया थाना महुआ को गिरफ्तार किया गया है। बलराम मीणा पुत्र छगन लाल निवासी बंधावड थाना मण्डावर फरार चल रहा है। तीनों ने चन्द्रशेखर की कपड़े से गला घोट हत्या कर शव को पटक दिया व अलवर वाहिनी को बेचने के लिए चले गए। पुलिस ने लूटी गई अलवर वाहिनी को बरामद कर दिया है। आरोपी इसे भरतपुर की तरफ बेचने की तैयारी कर रहे थे।
एसपी ने कहा कि इस पूरे मामले में पुलिस के पास कोई सुराग नहीं था। मुल्जिमों की तलाश के लिए एक टीम बनाई गई। इसके अलावा जिला स्तर पर एक टीम का गठन किया गया था। उसमें हैड कांस्टेबल अमर सिंह, कांस्टेबल मूलचंद, कृष्ण, हरिओम, करतार व कान्हाराम शामिल थे। इन्होंने साइबर सैल, सीसीटीवी फुटेज, डॉग स्क्वायड, विज्ञान प्रयोगशाला सहित अन्य की मदद से इस मामले का खुलासा किया।
सभी मार्गों के चैक किए सीसीटीवी कैमरे
आरोपी 1500 रुपए में अलवर वाहिनी बुक करके लेकर गए थे। अलवर से वो भर्तृहरी मंदिर भी गए। रास्ते में पेट्रोल भी मृतक ने डलवाया था। उसी दौरान वहां के सीसीटीवी कैमरे में आरोपी, मृतक व अलवर वाहिनी नजर आई। उसके बाद पुलिस ने बहरोड़ मार्ग, राजगढ़ मार्ग, जयपुर मार्ग, दिल्ली मार्ग सहित सभी प्रमुख मार्गों पर लगे करीब 50 सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग को चैक किया था।





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