सीकर. चुनावी साल में तबादलों को लेकर आए दिन नए नए आदेश जारी हो रहे हैं। इन आदेशों से सबसे ज्यादा प्रदेश की खाकी का खाका बिगड़ रहा है। पिछले महीने ही अधिकारियों के तबादले होने के बाद अब फिर से नए आदेश जारी होने से कई थानाधिकारियों को अपने जिलों से बाहर जाना पड़ेगा। इनमें से कई अधिकारी तो ऐसे हैं जो एक महीने पहले ही जिलों में आए हैं और इन्होंने थाने भी संभाल लिए। लेकिन अब उनको फिर से दूसरे जिलों में जाना पड़ेगा। जानकारी के मुताबिक पुलिस महकमें ने चुनाव आयोग के निर्देश पर पिछले महीने ही उन इंस्पेक्टर व सब इंस्पेक्टर को जिले से बाहर भेजा था जिनको उसी जिले में लगातार तीन साल पूरे हो गए थे। इससे प्रदेशभर के सभी े सैकड़ों थानाधिकारी इधर उधर हुए थे। रेंज आईजी के आदेश पर दूसरे जिलों में पदस्थापित हुए इन अधिकारियों को संबंधित एसपी ने थाने भी दे दिए। कुछ तो ऐसे हैं जिन्होंने 15 दिन पहले ही थाने संभाले हैं अब उनको फिर से जिले से बाहर जाना पड़ेगा। इसकी वजह है एक साथ आदेश जारी नहीं करना। अब 31 जुलाई तक फिर से इन अधिकारियों के तबादले के आदेश दिए गए हैं।
इस तरह बदले आदेश और लटक गई तबादलों की तलवार
पुलिस मुख्यालय ने पहले आदेश दिए थे कि जिलों में पदस्थापित ऐसे इंस्पेक्टर व सब इंस्पेक्टर को दूसरे जिलों में भेजा जाए जिन्होंने तीन साल का कार्यकाल पूरा कर लिया। रेंज आईजी ने पिछले महीने ही इनके तबादले कर दिए। ये तबादले इसलिए जल्दी किए गए थे कि अधिकारी चुनाव से पहले नई जगह पर पकड़ बना ले। अब नए आदेश आए हैं कि जिन अधिकारियों को जनवरी में तीन साल पूरे हो रहे हैं उनको भी जिले से बाहर भेजा जाए। एक और आदेश आया है कि जो अधिकारी पिछले विधानसभा चुनाव में जिले में थे उनको भी बाहर भेजा जाए।
एक चुनाव आयोग: हर जगह अलग आदेश
चुनाव आयोग के निर्देशों का हवाला देते हुए पुलिस मुख्यालय ने जो आदेश जारी किए हैं वो भी दूसरे राज्यों से अलग हैं। जबकि चुनाव आयोग के आदेश तो हर राज्य पर एक समान लागू होते हैं। मध्यप्रदेश पुलिस ने आदेश जारी किए हैं कि पिछले विधानसभा चुनाव में जो अधिकारी जिस विधानसभा क्षेत्र में तैनात थे उसमें बदलाव किया जाए। जबकि राजस्थान पुलिस विधानसभा क्षेत्र नहीं जिला ही बदल रही है। एक महीने पहले ही थाना संभाला अब फिर जाना होगा
जिले से बाहर
पिछले विधानसभा चुनाव के वक्त जिले में तैनात रहे पुलिस इंसपेक्ट हेमराज गुर्जर चुनाव के बाद जिले से बाहर चले गए थे। वे पिछले महीने ही फिर से जिले में आए हैं और करीब एक महीने पहले उन्होंने दांतारामगढ़ थानाधिकारी का पद नए आदेश जारी होने के बाद अब फिर से उन्हें 31 जुलाई से पहले जिले से बाहर जाना होगा। पुलिस इंसपेक्टर बीएल सेहरा, सब इसंपेक्टर संजय पूनियां रणवीर सिंह भी इस दायरे में आए रहे हैं। बीएल सेहरा व रणवीर सिंह भी कुछ दिन पहले ही जिले में आए थे। जनवरी 2019 तक तीन साल पूरे होने वालों को बाहर भेजने वाले आदेश के चलते शहर कोतवाल महावीर सिंह को भी दूसरे जिले में जाना होगा।





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