राजसमंद. फेल्सपार की ७० फीसदी इकाइयां ठप होने पर आक्रोशित हजारों श्रमिकों ने मंगलवार को जिला मुख्यालय पर पड़ाव डाला। सरकार के प्रति रोष जताते हुए उन्होंने कहा कि फेल्सपार का कच्चा माल राज्य से बाहर जाने पर हजारों गरीब मजदूरों पर रोजी-रोटी का संकट आ खड़ा हुआ है। मजदूरों के साथ-साथ फेल्सपार इकाइयों के उद्योगपतियों ने भी अपना दर्द बयां किया। कहा कि गिट्टी व दाने के रूप में कच्चा माल बाहर जाने से ७० फीसदी फेल्सपार इकाइयां बंद हो चुकी। जो चल रही हैं, उनके बिजली बिल तक नहीं भरे जा रहे। कर्ज में डूबने से बैंक खाते एनपीए हो चुके हैं। मिनरल ग्राइडिंग प्लाण्ट एसोसिएशन के नेतृत्व में श्रमिक-मालिकों ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन भी सौंपा।
इकाइयां बंद होने से रोजगार पर संकट
ज्ञापन में बताया कि फेल्सपार कच्चा माल (पोटाश व सोड़ा) राज्य के बाहर जाने से जिले में स्थापित ४५० ग्राइंडिंग इकाइयां बंद हो गईहैं और हजारों श्रमिकों के रोजगार पर संकट हा गया है। उन्होंने सरकार के विरुद्ध प्रदर्शन करते हुए राज्य से कच्चा माल बाहर जाने पर रोक लगाने की मांग की। दर्जनों बसों में भरकर श्रमिक व फेल्सपार व्यवसायी राजसमंद पहुंचे। सरकार के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए रैली निकाली। इस दौरान महिलाओं समेत सैकड़ों श्रमिक मौजूद थे।
बंद होने की वजह
ये इकाइयां फेल्सपार से पाउडर बनाकर राज्य से बाहर भेजती हैं। वर्तमान में फेल्सपार कच्चे खनिज, गिट्टी व दाने के रूप में बाहर जाने लग गया। इससे यहां का उद्योग पूरी तरह से ठप होने की स्थति में है। राज्य के बाहर बड़े पैमाने पर ऑटोमैटिक उद्योग विकसित होने से स्थानीय उद्योग प्रभावित हैं। कच्चे माल पर रोक नहीं लगाने से कई बड़ी इकाइयों में काम बंद होने के साथ हजारों मजदूर बेरोजगार हो जाएंगे।
ये हैं मांगें
केवल फेल्सपार प्रोसेस होकर पाउडर के रूप में अन्य राज्यों में जाए, जबकि पोटाश व सोड़ा के कच्चे माल पर रोक लगे।
सीएम की यात्रा में हो सकता है प्रदर्शन
मांगें पूरी नहीं होने पर मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे की चारभुजा में प्रस्तावित यात्रा में राजे को मजदूरों का विरोध प्रदर्शन देखना पड़ सकता है। श्रमिकों ने बताया कि सरकार द्वारा मांग पूरी नहीं होने पर मुख्यमंत्री को चारभुजा में एक और ज्ञापन सौंपा जाएगा। हाथों-हाथ निस्तारण नहीं होने पर समस्त एसोसिएशन एवं मजदूर संघ राजे की यात्रा का विरोध करेंगे।





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