बरूंदनी।
बीगोद पुलिस की कार्यप्रणाली पर फिर सवाल उठे है। दो दिन पहले हंगामा कर महिलाओं को परेशान करने पर एक व्यक्ति की माण्डलगढ़ पुलिस उपाधीक्षक और थाने में शिकायत की थी। पुलिस ने दो दिन में कार्रवाई नहीं की। नतीजा यह हुआ कि आरोपी के पुत्र ने दुकान संचालक पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। गम्भीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया। इस घटना से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने बीगोद थाने पर प्रदर्शन किया और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों के प्रदर्शन को देखते हरकत में आई पुलिस ने आरोपी और उसके भाई को गिरफ्तार कर लिया।
ग्रामीणों के अनुसार धाबाइयों की झूंपडिय़ां चौराहे पर रहने वाले मोडूलाल बलाई ने क्षेत्र में आतंक मचा रखा है। आए दिन शराब पीकर महिलाओं से अभद्रता करता है। शुक्रवार रात उसने शराब पीकर उत्पात किया। महिलाओं को डराया-धमकाया व अपमानित किया। महिलाओं के विरोध करने पर भागा और गिरने से सिर में चोटें आई। उसी रात बड़ी संख्या में ग्रामीण ट्रेक्टर लेकर माण्डलगढ़ में पुलिस उपाधीक्षक राजेन्द्र नैन व उपखण्ड अधिकारी गोपालसिंह शेखावत से मिले व लिखित में शिकायत की।
डीएसपी ने सुबह आने की कहकर ग्रामीणों को टरका दिया। कार्रवाई नहीं होने से मोडू के हौसले बुलंद हुए। इस बीच रविवार सुबह मोडू के पुत्र बाबूलाल बलाई ने धाबाइयों की झूंपडिय़ा चौराहे पर किराणा दुकान खोलने गए नारायण अहीर पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। इससे नारायण के सिर में गम्भीर चोट आई। बचाव में आई नारायण की पत्नी भी घायल हो गई।
धरना-प्रदर्शन से हरकत में आई पुलिस
घटना से गुस्साए ग्रामीण बड़ी संख्या में बीगोद थाने पहुंचे व थाने के आगे धरने पर बैठ गए। पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर नारेबाजी की। थाने के बाहर भीड़ देख उधर से गुजर रहे जिला प्रमुख शक्तिसिंह हाड़ा भी रूक गए। हाड़ा ने ग्रामीणों को उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उसके बाद पुलिस ने बाबूलाल व उसके भाई शंकरलाल सालवी को गिरफ्तार कर लिया।





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