हमीरगढ़।
कस्बे में रविवार को घर पर से गुजर रही हाइटेंशन लाइन ने युवक की जान ले ली। बहन का मकान खाली करने से छत पर युवक डिश खोल रहा था। करंट आने से मौत के बाद ग्रामीण बिफर गए। अस्पताल के बाहर मुआवजा और लाइन हटाने की मांग पर शव उठाने से इनकार कर पांच घण्टे प्रदर्शन किया। हमीरगढ़-मंगरोप मार्ग जाम कर दिया। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते बड़ी संख्या में पुलिस बल पहुंचा। प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश पर ग्रामीण शांत हुए और उसके बाद शव ले गए।
थानाधिकारी भारत रावत के अनुसार हमीरगढ़ निवासी गोपाल ढोली (20) के मकान के सामने उसकी बहन किराए से रहती है। बहन मकान खाली कर रही थी। गोपाल उसके सहकी मदद को गया। वह बहन की छत से डिश खोल रहा था कि ऊ पर से गुजर रही ११ हजार केवी लाइन की चपेट में आ गया। करंट लगने के बाद लोहे की चद्दर को तोड़ता नीचे गिर गया। घर में अफरा-तफरी मच गई। परिजन हमीरगढ़ अस्पताल लेकर गए। वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में कोहराम मच गया। इस दौरान बड़ी संख्या में मोहल्ले के लोग जमा हो गए। हमीरगढ़ पुलिस पहुंची। परिजनों और ग्रामीणों ने शव उठाने से इनकार कर दिया। इससे वहां हंगामा हो गया।
घरों पर से हाईटेंशन लाइन हटाने और परिजनों को मुआवजे की मांग लेकर महिलाएं प्रदर्शन में कूद गई। हमीरगढ़-मंगरोप मार्ग पर झाडि़यां लगाकर रास्ता रोक दिया। माहौल बिगड़ता देखकर मंगरोप और पुर थानाधिकारी भी जाप्ते के साथ पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने समझाइश की लेकिन लोगों ने लाइन नहीं हटाने और मुआवजा नहीं देने तक शव उठाने से इनकार कर दिया। इस बीच उपखण्ड अधिकारी रामावतार बरनाला, समाजसेवक हर्षप्रदीपसिंह राणावत, समाज कल्याण बोर्ड अध्यक्ष रेखा परिहार, पंच बबलू खटीक आदि भी वहां पहुंचे। डिस्कॉम अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की गई। करीब पांच घण्टे की समझाइश के बाद लाइन हटाने के लिए सर्वे और मुआवजे के आश्वासन पर लोग शांत हुए। मृतक का पोस्टमार्टम हुआ और परिजन शव ले गए।





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