झुंझुुनूं. कायाकल्प में प्रदेश में प्रथम स्थान रहने वाला हमारा जिला स्वास्थ्य सेवाओं में पिछड़ा हुआ नजर आ रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी की गई हैल्थ रैटिंग में झुंझुनूं जिला सातवें स्थान पर रहा है। शेखावाटी अंचल की बात करें तो सीकर प्रदेश में प्रथम व चूरू 17वें स्थान पर रहा है। हालांकि राहत देने वाली बात यह है कि झुंझुनूं टॉप टेन जिलों की सूची में शुमार है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से मई माह से चिकित्सा कार्यों की समीक्षा के लिए मिसाल नाम से हैल्थ रेटिंग शुरू की गई थी।जिसमें प्रत्येक जिले को कार्यों के मुताबिक अंक दिए जाते हैं।जिनके आधार पर जिले का स्थान तय होता है।जानकारी के मुताबिक कार्यक्रम पर सर्वाधिक जोर नेशनल कार्यक्रमों पर दिया जाता है।जो जिला दिए गए लक्ष्यों को पूरा करता है, उसी के आधार पर उन्हें नम्बर दिए जाते हैं।
रैंक के आधार
- 25 अंक, शिशु व मातृ मृत्यु दर की रिपोर्टिग- पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों के अलावा गर्भवती महिलाओं का पूर्ण टीकाकरण व मरीजों की संतुष्टि आदि।
- 55 अंक, संस्थागत प्रसव के दौरान 2.5 किलोग्राम से कम वजन के जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या, मलेरिया, डेंगू की स्थिति के अलावा प्रसव पूर्व जांच व टीकाकरण आदि।
- 20 अंक, चिकित्सकों की उपलब्धता, एफआई कवरेज, दवाइयों की उपलब्धता आदि।
इनका कहना है
जिले की रैंकिंग संतोषप्र्रद कही जा सकती है, आने वाले दिनों प्रथम तीन स्थानों में शामिल होने के प्रयास किए जाएंगे।
डॉ. सुभाष खोलिया, सीएमएचओ झुंझुनूं।
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परिवार कल्याण में झुंझुनूं ब्लॉक प्रथम
झुंझुनूं. परिवार कल्याण कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन में जिले में झुंझुनूं ब्लॉक प्रथम स्थान पर रहा है। बुधवार को स्वास्थ्य भवन में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर हुए जिला स्तरीय कार्यक्रम में कलक्टर दिनेश कुमार यादव ने ब्लॉक झुंझुनूं को दो लाख रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। डिप्टी सीएमएचओ डॉ नरोतम जांगिड ने बताया कि जनसंख्या स्थाईकरण एवं परिवार कल्याण कार्यक्रम में उत्कृष्र्ट कार्य करने वाली झुंझुनंू ब्लॉक के अलावा आठ ग्राम पंचायत बडबर, बुडानिया, खाजपुर नया, नालपुर, कांट, कारी, सेही कल्ला, किशोरपुरा को एक-एक लाख व पीएचसी माणकसास, सीएचसी मण्डेला और बीडीके जिला अस्पताल को भी जनसंख्या 50 हजार रुपए का पुरस्कार दिया गया।





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