बीकानेर. अब बीएड डिग्री धारकों के लिए खुशखबरी है। बीएड उत्तीर्ण छात्र भी प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक बन सकेंगे। इसके लिए छात्रों के स्नातक में 50 फीसदी अंक होने चाहिए। नियुक्ति के बाद ऐसे शिक्षकों को दो वर्ष के भीतर छह महीने का ब्रिज कोर्स पास करना होगा। नेशनल काउंसिल फ ॉर टीचर्स एजुकेशन (एनसीटीई) ने आठ साल बाद देशभर के प्राइमरी स्कूलों में एेसे बीएड उत्तीर्ण को नियुक्ति के लिए हरी झंडी दी है।
एनसीटीई के इस फैसले से पूरे देश में लाखों बीएड डिग्री धारकों को बड़ी राहत मिली है। हालांकि प्राइमरी में बीएड से शिक्षक बनने के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास करने की बाध्यता यथावत रहेगी। इस फैसले के बाद सभी राज्य सरकारें और सीबीएसई को प्राइमरी स्तर पर बीएड उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं के लिए टीईटी कराना होगा।
मिलेगा अवसर
प्राइमरी टीचर के लिए भी बीएड डिग्री धारक को छूट मिली है। इससे लाखों बीएड धारी अभ्यर्थियों को अवसर मिलेगा।
डॉ. चन्द्रशेखर श्रीमाली, कॅरियर काउंसलर, बीकानेर
नए मानकों में हो गए थे बाहर
एनसीटीई ने इसके लिए हाल ही गजट नोटिफि केशन किया है। एनसीटीई ने शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत वर्ष 2010 में प्राइमरी एवं जूनियर स्कूलों में शिक्षक भर्ती के नए मानक तय किए थे। इसमें प्राइमरी शिक्षकी की नियुक्ति के लिए बीएड को बाहर कर दिया गया था।
कुछ राज्यों को इसमें वर्ष 31 मार्च, 2015 तक छूट भी दी गई, लेकिन शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो सकी। एनसीटीई के इस फैसले के बाद स्नातक में 50 फीसदी अंकों के साथ बीएड पास करने वाले छात्र प्राइमरी शिक्षकों की नियुक्?ति के लिए योग्य हो जाएंगे। हालांकि उन्हें टीईटी पास करना होगा।
स्कूलों में नामांकन की तिथि बढ़ाई
बीकानेर. प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नामांकन की तिथि ३ जुलाई से १५ जुलाई तक बढ़ा दी गई है। इसके लिए मंगलवार को माध्यमिक शिक्षा निदेशक नथमल डिडेल ने आदेश जारी किए। स्कूलों में दो चरणों का प्रवेशोत्सव २६ अप्रेल से ३ जुलाई तक रहा। सत्र २०१८-१९ के लिए आवंटित नामांकन लक्ष्य को ध्यान में रखकर नामांकन वृद्धि अभियान चलाने के उप निदेशक और जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।





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