लाडनूं. जैन विश्व भारती संस्थान मान्य विश्वविद्यालय के दूरस्थ शिक्षा निदेशालय के चार विद्यार्थियों ने एक साथ पांच विश्व रिकॉर्ड बनाकर मिसाल कायम की है। इनकी ओर से कायम विश्व रिकॉर्ड को गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। उक्त चारों विद्यार्थी यहां दूरस्थ शिक्षा निदेशालय से योग एवं जीवन विज्ञान विषय में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम कर रहे हैं। इनमें से लक्ष्मणगढ़ के पास के एक छोटे से गांव के रहने वाले जयपाल प्रजापत ने लगातार योगाभ्यास करते हुए दो विश्व रिकॉर्ड कायम किए हैं। जयपाल ने लगातार दो घंटे 21 मिनट तक शीर्षासन करके विश्व रिकॉर्ड बनाया। यह प्रदर्शन उसने छत्तीसगढ़ राज्य के भिलाई में किया था। इसके बाद जयपाल ने फिर गुजरात प्रांत के अहमदाबाद में लगातार तीन घंटा 33 मिनट तक मयूर चाल का प्रदर्शन करके दूसरा विश्व रिकॉर्ड बनाया। चौमूं निवासी रामरस चैधरी ने तेजगति से लगातार एक सौ सूर्य नमस्कारों का प्रदर्शन करके फास्टेस्ट हंड्रेड सूर्य नमस्कार योगा का रिकॉर्ड कायम किया है। चौधरी ने ये एक सौ सूर्य नमस्कार योग मात्र सात मिनट 32 सैकंड में पूरे किए थे। दूरस्थ शिक्षा निदेशालय के निदेशक प्रो. आनंदप्रकाश त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को विश्व रिकॉर्ड कायम करने पर शुभकामना दी। प्रो. त्रिपाठी ने बताया कि इन विद्यार्थियों को आगामी दिनों में विश्व विद्यालय में समारोह आयोजित कर सम्मानित किया जाएगा।
योग मुद्रा में बनाया रिकार्ड
इसी प्रकार विश्वविद्यालय के दूसरे विद्यार्थी जोधपुर निवासी ललित भारती ने योग मुद्रा में विश्व रिकॉर्ड बनाया। जिन्होंने लगातार एक घंटा 35 मिनट तक खेचरी मुद्रा का प्रदर्शन किया। विश्वविद्यालय की दूरस्थ शिक्षा की मेड़ता रोड निवासी छात्रा जानकी प्रजापति ने भी योगासन में लगातार 45 मिनट तक हनुमानासन में रहने का प्रदर्शन कर रिकॉर्ड बनाया है।
उल्लेखनीय है विश्वविद्यालय में प्राचीन भारतीय संस्कृति से संबंधित गतिविधियां चलती रहती हैं। यह विश्वविद्यालय अनेकता में एकता का प्रतीक बना हुआ है। यहां विद्यार्थियों को प्राचीन काल को समझने का अच्छा अवसर मिलता है। समय-समय पर विद्यार्थियों के लिए उपयोगी सेमिनार होती रहती हैं। इसमें देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों से विषय विशेषज्ञ एवं विद्वानों को बुलाया जाता है।





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