सीकर. जयपुर में आए भूकम्प के झटके सीकर व आस-पास के क्षेत्र में भी महसूस किए गए। रविवार सुबह 9 बजकर 43 मिनट पर आए भूकंप के झटकों से घरों में रखे बर्तन बजने लग गए। बाल्टी का पानी अपने आप हिलने लग गया। रिएक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 4.3 आंकी गई है।
भूकंप का केन्द्र जयपुर जिले में मनोहरपुर के पास था। केन्द्र नजदीक होने से यहां भी झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटके महसूस होने पर कई जगह लोग घरों से बाहर निकल गए। आईएमडी की ओर से जारी आंकड़ों ने अधिकारिक तौर पर साफ किया है कि भूकंप की तीव्रता 4.3 की थी।
भूकंप का केंद्र जयपुर के मनोहरपुर में बिशनगढ़ गांव के पास जमीन के अंदर 10 किलोमीटर नीचे था। इससे पहले भी जयपुर में कई बार भूकंप दर्ज किया गया। जयपुर और सीकर जिले में गणेश्वर, चला, अजीतगढ़ व श्रीमाधोपुर में भी सुबह 9 भूकंप के झटके महसूस किए गए।
गणेश्वर की धारा में बढ़ जाता पानी
खास बात यह है कि जब भी भूकम्प आता है कि गणेश्वर धाम के कुंड की जलधारा में पानी का बहाव बढ़ जाता है। ग्रामीणों के अनुसार कई दशकों से यह जलधारा हमें भूकम्प का संकेत देती है। कहा जाता है कि पहाड़ी क्षेत्र में भूकम्प आने से इस जलधारा में अचानक जल का प्रवाह बढ़ जाता है।
एक्सपर्ट व्यू
भूगोल के व्याख्याता व आपदा प्रबंधन के दक्ष प्रशिक्षक मुकेश निठारवाल ने बताया कि जयपुर जिले में पिछले 15 साल में सात भूकंप दर्ज किए गए हैं। उनका केंद्र जयपुर जिला ही रहा है, लेकिन 2003 के बाद आज रविवार को आया भूकंप सबसे ज्यादा तीव्रता का था। इसे आसानी से महसूस किया गया। भूगोल व्याख्याता निठारवाल के मुताबिक इस तरह छोटे भूकंप आना नुकसानदायक नहीं बल्कि बेहतर है, क्योंकि छोटे भूकंप समय-समय पर आने से बड़े और नुकसानदायक भूकंप आने की आशंका कम हो जाती है।





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