सीकर. केन्द्र सरकार भले ही हर गांव तथा हर घर तक बिजली पहुंचाने के बड़े दावे करती हो लेकिन लालफीताशाही तथा सरकारी तंत्र की मनमानी के कारण यह लक्ष्य पूरा करना इतना आसान नहीं है। इसकी एक बानगी उपखण्ड के रामसिंहपुरा गांव के पास ढाणी में देखने को मिल रही है।
यहां रहने वाले चार घरों में गत सात माह से केवल इसलिए अंधेरा है कि क्योंकि इन्होंने लाइनमैन को घूस के एक हजार रुपए देने से मना कर दिया। कई जगह मिन्नतें व फरियाद करने के बाद अब पीडि़त परिवारों ने मामले की शिकायत जिला कलक्टर तथा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के समक्ष की है।
यह की शिकायत
शिकायत में पीडि़त ग्रामीण नाथूराम, खींवाराम, हरफूल तथा हरिकिशन ने बताया है कि ढाणी के आठ घरों ने बिजली कनेक्शन के लिए एक साथ आवेदन किया था। जनवरी २०१८ में इन्होंने नियमानुसार आवेदन फीस नेछवा स्थित निगम कार्यालय में जमा भी करवा दी थी लेकिन सात माह बीत जाने पर भी उनके घरों में विद्युत कनेक्शन नही किया गया। इस बारे में उन्होंने निगम के अधिकारियों से बात की तो अधिकारियों ने ठेकेदार से तथा ठेकेदार ने लाइनमैन से संपर्क करने को कहा। लाइनमैन ने प्रति कनेक्शन एक हजार रुपए देने की मांग रखी तथा यह रकम देने पर ही कनैक्शन करने की बात कही। शिकायत के अनुसार चार परिवारों ने मजबूरी में आकर लाइनमैन को उक्त रकम दे दी जिसके बाद लाइनमैन ने उन्हीं चार घरों में दो सप्ताह पूर्व कनैक्शन कर दिया लेकिन जिन घरों से उसे घूस की रकम नहीं मिली उनमें कनैक्शन करने के स्थान पर तारों को आमरास्ते में ही लटकाकर छोड़ दिया।
भुगतान उठाया
पीडि़त चारों परिवारों ने पुन: निगम कार्यालय में बात की तो पता लगा कि संबंधित ठेकेदारों ने चारों घरों में कनेक्शन का भुगतान भी उठा लिया था। शिकायत स्थानीय स्तर पर करने के बाद भी अधिकारियों ने कोई कार्यवाही नहीं की तो आखिर पीडि़त पक्ष ने अब मामले की शिकायत जिला कलक्टर तथा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को भेज दी है।





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