बूंदी. पिछले पांच वर्षों के लम्बे अंतराल के दौरान तमाम कोशिशों के बावजूद आयुष नर्सेज की मुख्य मांगों का समाधान नहीं होने से नाराज प्रदेश के हजारों आयुष नर्सेज अब अपनी जायज मांगों को मनवाने के लिए गांधीवादी तरीका अपनाकर सरकार को साधने की कोशिश करते नजर आ रहे है।
आयुष नर्सेज की वेतन विसंगति दूर कर नर्सिंग भत्ता देने, नर्सेज का कैडर रिव्यू करवाने व नर्सेज की नई भर्ती की विज्ञप्ति शीघ्र निकालने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री की सात जुलाई को जयपुर रैली के दौरान ध्यानाकर्षण करने के लिए बूंदी में भी राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ से सबंधित संघठन अखिल राजस्थान राज्य आयुष नर्सेज के प्रदेश अध्यक्ष छीतरमल सैनी के आव्हान पर आयुष व बेरोजगार नर्सेज सामूहिक उपवास पर रहे।
जिलाध्यक्ष मेघवाहन सिंह व जिला महामंत्री रितेश सनाढ्य ने बताया कि जुलाई 2013 से पहले केंद्र व राज्य सरकार में आयुर्वेद एवं एलोपैथी के नर्सिग ऑफिसर्स का समान योग्यता, समान प्रशिक्षण अवधि व समान भर्ती के तरीके के आधार पर एक समान वेतनमान दिया जा रहा था लेकिन उसके बाद भटनागर कमेटी की अधूरी व गलत सिफारिशों को आधार बनाकर राज्य सरकार ने आयुर्वेद नर्सेज के साथ भेदभाव की नींव रख दी।
आज भी केंद्र में आयुर्वेद नर्सेज की योग्यता 10वीं पास व डिप्लोमा को एलोपैथी नर्सेज के समान 4600 की ग्रेड पे दी जा रही है जबकि राज्य में 12वीं व समान योग्यता, डिप्लोमा होने के उलट एलोपैथी को 4200 व आयुर्वेद नर्सेज को 3600 की ग्रेड पे देकर नैसर्गिक न्याय के सामान्य सिद्धांत की अवहेलना की जा रही है, जबकि आयुर्वेद व एलोपैथी के चिकित्सक, लिपिक और चतुर्थ श्रेणी के कार्मिक भी एकसमान वेतनमान प्राप्त कर रहे है।
विगत पांच वर्षों से विसंगति के निवारण के लिए संगठन के माध्यम से लगातार प्रयास किए जा रहे है। गत सरकार का यह दंश प्रदेश का आयुष नर्सेज पिछले पांच वर्षों से झेलता आ रहा है, अब वर्तमान सरकार द्वारा भी आयुष नर्सेज को आश्वासन के अलावा कुछ भी नहीं मिला है और सभी मांगे न्यायोचित होने के बावजूद भी आज तक राज्य सरकार इस सौतेलेपन का समाधान ढूढऩे में पूर्णतया विफल रही है।
इस दौरान लोकेश नारायण शर्मा, विशाल शर्मा, श्री राम शर्मा, रामप्रकाश वर्मा, माया शर्मा, हेमलता श्रृंगी, सहित नर्सेज उपवास किया और मांगो को लेकर सरकार को सद्बुद्धि प्रदान करने की ईश्वर से कामना की।





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