बूंदी. न घंटी बजी न क्लास लगी न किताबें बंटी, डायरी भी पूर्ण नहीं थी और रजिस्टर में बच्चों के नाम तक नहीं थी। यहां तक की स्कूलों में शिक्षक भी गायब मिले। यह हाल जिले के सरकारी स्कूलों में बुधवार को नजर आए। नए सत्र का प्रवेश प्रारम्भ हो चुका है।
प्रवेश प्रारम्भ होने के साथ ही शिक्षकों ने स्कूलों से गायब होना शुरू कर दिया है। स्कूलों से गायब होने वाले शिक्षक उपस्थित रजिस्टर में हस्ताक्षर करने के बाद यह कारनामा कर रहे है। इसका खुलासा निरीक्षण में हुआ।
2जुलाई से शुरू हुए शिक्षा सत्र के द्वितीय प्रवेशोत्सव में जब उच्च अधिकारियों को शिक्षकों की अनुपस्थिति की शिकायत मिलना शुरू हुई तो बुधवार को जिला शिक्षा अधिकारी, एडीपीसी सतीश जोशी व अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी चन्द्रप्रकाश राठौर ने औचक निरीक्षण कर स्कूलों की व्यवस्थाएं देखी तो चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई।
शहर के राजकीय उच्च माध्यमिकविद्यालय में प्रधानाचार्य ज्योति शर्मा सहित शिक्षक रामचरण श्रृंगी, रमेशचंद्र गौतम नदारद मिले। निरीक्षण में सामने आया कि अब तक नि:शुल्क किताबों का भी वितरण नहीं हुआ। न ही अध्यापकों व प्रधानाचार्य द्वारा दैनन्दनी का संधारण किया गया। केशबुक में भी अनियमितता पाई गई। जिसको लेकर प्रधानाचार्य को नोटिस जारी किया गया है।
रजिस्टर में भी विद्यार्थियों के नाम नहीं मिले। शिक्षा अधिकारियों ने बताया कि प्रधानाचार्य का स्कूल समय प्रात:7.50 निर्धारित है, लेकिन प्रधानाचार्य 9.20 पर विद्यालय पहुंची।
नहीं हुई प्रार्थना सभा
अधिकारियों ने सबसे पहले प्रात: 7 बजे मॉडल स्कूल हिंडोली का अवलोकन किया, जहां प्रधानाचार्य राजेन्द्र निर्मल सहित शिक्षक फोरुलाल, विनोद कुमार, सुरेश, राजेन्द्र हाड़ा, कैलाशचंद्र, मनीषा सनाढ्य, शमशेर बानो देर से स्कूल पहुंचे। सभी को समय पर उपस्थित होने व मॉडल स्कूल के अनुरुप गुणवत्ता पूर्व शिक्षक स्टॉफ की बैठक को लेकर निर्देश दिए।
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय हिंडोली के औचक निरीक्षण में भी कई अनियमितताएं मिली। निरीक्षण टीम ने प्रधानाचार्य को फटकार लगाई। विद्यालय में तय समय प्रात: 8.5 पर प्रार्थना हो जानी चाहिए थी, लेकिन नही हुई।
ये मिले अनुपस्थित
निरीक्षण टीम को शिक्षक धनराज मीणा, भंवरलाल मीणा, नंद किशोर मीणा, जुनेद खां, कंवरलाल मीणा, सत्येन्द्र कुमार, सुमन जैन, चंद्रकांता नामा, युगल किशोरी शर्मा, अशोक कुमार शर्मा नदारद मिले। देरी से आने वाले शिक्षकोंं रामदेव बैरवा, मसरूर अली, संतोष सनाढ्य व पप्पूलाल कुमावत को पाबंद किया और प्रधानाचार्य को नोटिस थमाया है।
-सत्र प्रारम्भ होने के साथ विद्यालयों में शिक्षकों की अनुपस्थिति की लगातार शिकायतों पर औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण टीम को स्कूलों में कई अनियमितताएं मिली है, जिस पर तीनों स्कूलों के प्रधानाचायों को नोटिस थमाया है। विद्यालयों में लापरवाही कतई बर्दाश्त नही की जाएगी।
तेजकंवर, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक
समय से पहले स्कूल पर जड़ा ताला, ग्रामीणों ने जताया रोष
भण्डेड़ा. नीमोद के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में बुधवार को समय से पहले लगभग सवा ग्यारह बजे ही ताला लग गया। स्कूल के बच्चों को जल्दी घर भेज दिया गया। जिस पर ग्रामीणों ने नाराजगी जाहिर की। समय से पहले ताला लगा देख वार्ड पंच मदनलाल सैनी, ओम प्रकाश, आशाराम, बाबूलाल व मुकेश सहित दो दर्जन से अधिक ग्रामीण विद्यालय पहुंचे।
उन्होंने सांवतगढ़ उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य को इसकी सूचना दी। जिस पर प्रधानाचार्य गोवर्धनलाल शर्मा ने विद्यालय पहुंचकर जांच की। मौके पर विद्यालय बंद मिला। वहीं ग्रामीणों ने कहा कि विद्यालय में कक्षा छह तक छात्र व छात्राएं हैं। लेकिन एक मात्र अध्यापक ही यहां कार्यरत है। इसके चलते पूरा शिक्षण कार्य ठप हो रहा है।
विद्यालय में अव्यवस्था होने से नामांकन भी घट रहा है। वहीं सांवतगढ़ प्रधानाचार्य गोवर्धनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानाध्यापक किस काम से गया है। इसकी कोई सूचना नहीं दी गई है। यदि हमें सूचना मिलती तो किसी अध्यापक को स्कूल भेज देते। इस मामले को ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को अवगत कराएंगे। इसके साथ ही नोटिस देकर जवाब भी मांगा है।





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