बूंदी. वर्षों से सरकारी भूमि (सिवाचयक) पर मकान बनाकर रह रहे लोगों को मालिकाना हक देने की तैयारी शुरू हो गई। जी हां! ऐसे लोगों को सरकार लाभ देने के साथ शीघ्र पट्टे जारी करेगी। इससे उनको राहत तो मिलेगी साथ ही सरकारी भूमि पर अपना मालिकाना हक मिल सकेगा। इस संबंध में पंचयातीराज विभाग ने आदेश जारी कर दिए।
उक्त आदेश में सरकारी भूमि पर मकान बनाकर रहने वाले लोगों का सर्वे कर पट्टे जारी करने के निर्देश दिए हं। आदेश मिलने के बाद विभागीय अधिकारियों ने सर्वे की कार्रवाई शुरू कर दी है। राज्य सरकार ने आवासीय भू-खंड व आवासीय मकान नहीं होने वाले परिवारों की ओर से सरकारी भूमि पर वर्षों से मकान बनाकर रह रहे लोगों को उनके मकानों के पट्टे देने का मन बनाया है।
इसके लिए सरकार ने राजस्थान पंचायतीराज नियम 1996 के नियम 165 की पालना करते हुए ग्राम पंचायतों को सर्वे व नियमन करने के बाद पट्टे जारी करने के निर्देेश दिए हैं।
यह होंगे नियम
सरकारी भूमि (सिवाचयक) पर 1 जनवरी 2017 को कम से कम तीन वर्ष अथवा इससे अधिक की अवधि से पूर्व सरकारी भूमि पर मकान बनाकर रहे हो। उनको अपना प्रमाण साबित करना होगा। इसके लिए उनको भूमि पर तीन साल तक रहने का प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, आधार कार्ड, पहचान पत्र, भामाशाह कार्ड, बिजली-पानी व टेलीफोन आदि के बिल प्रस्तुत करने होंगे।
शुरू किया सर्वे, भेजेंगे रिपोर्ट
सरकारी भूमि (सिवाचयक) पर मकान बनाकर रहे लोगों को एक माह की अवधी में पट्टे देने के लिए हल्का पटवारी व ग्राम विकास अधिकारी (ग्राम सेवक) द्वारा भूमि पर बने मकान का सर्वे किया जाएगा। सर्वे करने में पात्र लोगों का चयन करने की जिम्मेदारी पटवारी व ग्राम विकास अधिकारी की होगी।
फिर जारी होगा पट्टा
सरकारी भूमि पर वर्षों से मकान बनाकर रह रहे परिवारों को पट्टे जारी करने के लिए ग्राम विकास अधिकारी (ग्रामसेवक) एवं पटवारी द्वारा मकानों का संयुक्त सर्वे सात दिवस में करना होगा। इसके बाद तहसीलदार द्वारा उक्त सर्वे रिपोर्ट के आधार पर सेटअपार्ट का प्रस्ताव तैयार कर संबंधित उपखंड अधिकारी को तीन दिवस में भिजवाया जाएगा।
सेटअपार्ट की गई भूमि का तहसीलदार द्वारा राजस्व रिकार्ड में आबादी भूमि के रूप में ग्राम पंचायत के नाम दर्ज कर, जमाबंदी की प्रति संबंधित विकास अधिकारी व पंचायत समिति को दो दिवस में भेजी जाएगी। इसमें ग्राम पंचायत की ओर से राजस्थान पंचायतीराज नियम 1996 के नियम 165 (4) की कार्यवाही कर 15 दिवस में पट्टे जारी किए जाएंगे।
सरकारी जमीनों पर बढ़ेगी अतिक्रमण होड़
जानकार लोगों ने बताया कि इस प्रकार सरकारी जमीनों पर पट्टे जारी करने अतिक्रमण की होड़ मचेगी। सरकार के इस निर्णय से जमीनों पर लोगों में कब्जे की प्रवृत्ति बढ़ेगी। सरकार के इस निर्णय को जानकारों ने चुनाव आते देख पट्टों की रेवड़ी बांटने की तैयारी बताया है।
‘राजकीय भूमि पर 1 जनवरी 2017 से तीन वर्ष पूर्व बसे लोगों का सर्वे कार्य शुरू कर दिया है। सर्वे के बाद पंचायत से सेटअपार्ट होने की कारवाई की जाएगी। जिससे ग्रामीणों को आबादी के पट्टे जारी किए जाएंगे’।
जुगल किशोर मीणा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद, बूंदी
पट्टों की रेवड़ी बांटने की तैयारी में ‘सरकार’पंचायतीराज विभाग ने जारी किए आदेश





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