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उदयपुर की इस नगरपाल‍िका के पूर्व पालिकाध्यक्ष ने वर्तमान अध्‍यक्ष-उपाध्‍यक्ष पर लगाए ये गंभीर आरोप

कमलाशंकर श्रीमाली/भीण्डर. नगर पालिका में पिछले वर्ष अविश्वास प्रस्ताव के बाद से भ्रष्टाचार के आरोप झेल रहे पूर्व पालिकाध्यक्ष गोवद्र्धनलाल भोई ने गुरुवार को वर्तमान अध्यक्ष व उपाध्यक्ष सहित कर्मचारियों पर भ्रष्‍टाचार का आरोप लगाया है। भोई ने अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चेहतों को मामूली राशि जमा कर निर्माण स्वीकृति जारी करके पालिका को राजस्व नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। पूर्व पालिकाध्यक्ष भोई ने पालिका क्षेत्र में हो रहे भवन निर्माण की स्वीकृतियों में गड़बडिय़ों का खुलासा करते हुए कहा कि उदयपुर रोड पर राड़ाजी बावजी निकट पालिका ने आसपास स्थित दो भवनों की स्वीकृति के लिए एक भवन मालिक से महज 13 हजार रुपए वसूल किए तो दूसरे भवन मालिक से 10 लाख 50 हजार रुपए। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि अध्यक्ष-उपाध्यक्ष पालिका कर्मचारियों से मिलीभगत करके चेहतों को फायदा पहुंचा रहे हैं।
इधर 10 लाख रुपए हुए जमा
पूर्व पालिका उपाध्यक्ष नंदावत के सामने ही पूर्व प्रधान यशोधरा कुंवर व उनके पति कुबेरसिंह चावड़ा के व्यावसायिक निर्माण के लिए 5280 वर्गफीट जमीन पर स्वीकृति के लिए पालिका में 10 लाख 25 हजार रुपए जमा करवाएं। उन्होंने जमीन का व्यावसायिक परिवर्तन करवाते हुए तीन मंजिला भवन बनाने की स्वीकृति ली है।
चहेतों पर क्यों नहीं होती कार्रवाई
पूर्व पालिकाध्यक्ष भोई ने पालिकाध्यक्ष हेमंत तेली, उपाध्यक्ष गिरीश सोनी सहित पालिका प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि एक ही स्थान पर दो प्रकार की निर्माण स्वीकृति जारी की जाती है। एक स्वीकृति के लिए 10 लाख रुपए जमा होते हैं तो दूसरी स्वीकृति के लिए महज 13 हजार रुपए ही क्यों? साफ जाहिर होता है कि अध्यक्ष-उपाध्यक्ष भष्ट्राचार फैला रहे हैं। पिछले 10-15 दिनों में निर्माण स्वीकृतियों को लेकर उजागर किए गए मामलों पर भी वसूली के लिए अध्यक्ष-उपाध्यक्ष ने कदम नहीं उठाया।
पूर्व उपाध्यक्ष से केवल 13 हजार
आरोप में बताया कि पूर्व पालिका उपाध्यक्ष ओमप्रकाश नंदावत ने आवासीय भवन निर्माण स्वीकृति के लिए आवेदन किया। वरिष्ठ लिपिक इन्द्रसिंह चौहान ने आवासीय पट्टे को लेकर 5 हजार वर्गफीट पर आवासीय भवन की स्वीकृति के लिए 13 हजार 37 रुपए का डिमाण्ड पत्र जारी किया। नंदावत ने राशि जमा करवा कर स्वीकृति पत्र प्राप्त कर लिया। स्वीकृति में एक मंजिला निर्माण ही स्वीकृत हुआ था। इसके बाद वर्तमान बोर्ड के समय इस भवन मालिक ने 5 मंजिला भवन बना दिया है। इसका उपयोग व्यावसायिक रुप में करने के लिए निर्माण किया। इससे व्यावसायिक निर्माण स्वीकृति देने व भू-परिवर्तन करवाने के लिए पालिका में करीब 10 से 12 लाख रुपए जमा करवाने थे। इसके बजाएं मिलीभगत से केवल 13 हजार रुपए जमा करवा राजस्व नुकसान किया।

 

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जानकारी नहीं
मेरे कोई चहेता नहीं है और ना ही किसी को लाभ दे रहे हैं। मुझे इस प्रकार के मामलों की जानकारी नहीं है। निर्माण स्वीकृतियां ईओ जारी करते हैं और वो हमें कोई फाइल भी नहीं बताते हैं। इस मामले की फाइल दिखाकर नियमानुसार राशि वसूली जाएगी।
हेमंत तेली, अध्यक्ष, नगर पालिका भीण्डर
नगर पालिका क्षेत्र में निर्माण स्वीकृतियों की फाइलों में इस प्रकार की गड़बडिय़ां हैं तो दिखवा करके नियमानुसार भवन निर्माण कर्ताओं से राशि वसूल की जाएगी।
मुबारिक हुसैन, कार्यवाहक ईओ
जो भी मामले उजागर हुए हैं, उनको नोटिस जारी कर दिए हैं। हमारा कोई चहेता नहीं है। अध्यक्ष के रिश्तेदार से भी रुपए वसूले हैं। निर्माण स्वीकृतियों की फाइलें ईओ निस्तारित करते हैं। अध्यक्ष व बोर्ड को अवगत नहीं करवाते। पूर्व अध्यक्ष भोई के कार्यकाल के दौरान ही नंदावत को स्वीकृति जारी हुई थी।
गिरीश सोनी, उपाध्यक्ष नगर पालिका भीण्डर



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