पाली. बांडी नदी में प्रदूषित और रंगीन पानी बहाने के पत्रिका स्टिंग में हुए खुलासे के बाद बुधवार सुबह जिला प्रशासन हरकत में आया और नगर परिषद और प्रदूषण नियंत्रण मण्डल की टीम के साथ बजरंग बाड़ी इलाके में चल रही अवैध फैक्ट्री पर धावा बोला। नदी में बिछी भूमिगत पाइप लाइन उखाड़ी गई। हालांकि, पत्रिका में छपी खबर पढक़र फैक्ट्री मालिक पहले ही फरार हो गया। ज्ञात रहे कि पत्रिका ने स्टिंग कर फेक्ट्री द्वारा अनट्रीट पानी सीधे नदी में छोडक़र बांडी नदी को दूषित करने को लेकर समाचार प्रकाशित किया था। जिस पर हरकत में आते हुए प्रशासन ने बुधवार को इकाई के खिलाफ कार्रवाई की।
पक्का निर्माण, कुआं और हौदियां...फिर भी मालिक का पता नहीं
पत्रिका में खबर पढते ही फैक्ट्री मालिक को कार्रवाई की भनक लग गई। वह फैक्ट्री के मैन गेट पर ताला लगाकर सुबह जल्दी फरार हो गया। प्रशासनिक जाब्ता बजरंगबाड़ी पहुंचा तब तक वह कपड़े के थान इत्यादि सामान सुरक्षित रखकर फरार हो गया। हैरानी की बात यह है कि फैक्ट्री का सम्पूर्ण निर्माण पक्का बना हुआ है। भीतर कुआं और हौदियां भी बनी है, लेकिन जब टीम ने आस-पास के लोगों से फैक्ट्री मालिक के बारे में पूछताछ की तो सभी अनजान बन गए। जिला प्रशासन अब फैक्ट्री मालिक का पता लगाने में जुटा है।
जेसीबी से उखाड़ी पाइप लाइन
पत्रिका स्टिंग में खुलासे के बाद उपखण्ड अधिकारी के निर्देश पर मंगलवार सुबह नगर परिषद के आरओ रवि खन्ना, प्रदूषण नियंत्रण मंडल कनिष्ठ अभियंता सचिनकुमार की अगुवाई में टीम पुलिस जाब्ते के साथ सुबह ११.१८ बजे बजरंग बाड़ी पहुंची। टीम ने सर्वप्रथम नदी में बिछी पाइप लाइन जेसीबी से उखड़वाई। तत्पश्चात फैक्ट्री का बिजली कनेक्शन काटा। फैक्ट्री पर ताला लगा होने के कारण भीतर कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी।
बांडी नदी में प्रदूषित पानी छोडऩे को लेकर बुधवार को कार्रवाई की है, लेकिन भवन मालिक भनक लगते ही फरार हो गया। उसकी तलाश की जा रही है। नदी में प्रदूषित पानी बहाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
महावीरसिंह राठौड़,
उपखण्ड अधिकारी, पाली





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