रोडवेज बसों के पहिए जाम, परेशान हुए आदमी आम
-करीब दस लाख का नुकसान, 105 बसें बंद रही व 271 कर्मचारी हड़ताल पर रहे
-कर्मचारियों ने निजी बस की निकाली हवा
-आज भी बंद रहेगी बसें
-जितेंद्र जैकी-
झालावाड़. रोडवेज कर्मचारियों के संगठन के संयुक्त मोर्चा की ओर से चल रहे 'रोडवेज बचाओ, रोजगार बचाओं आंदोलन के तहत दो दिवसीय धरना प्रदर्शन के बाद बुधवार से प्रदेशव्यापी आव्हान पर दो दिन तक रोडवेज का जाम शुरु हुआ। जिला मुख्यालय पर वर्कशाप में 105 बसों को खड़ी कर कर दिया गया। बसें बंद होने से निगम को करीब दस लाख रुपए का नुकसान रोडवेज को हुआ। इस दौरान निगम के 271 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। कर्मचारी संगठन एटक, इंटक व सेवानिवृत कर्मचारी एसोसिएशन के संयुक्त मोर्चा की ओर से बुधवार सुबह से ही रोडवेज परिसर में कर्मचारी एकत्र हो गए व वर्कशाप में गाडिय़ां खड़ी कर दी। मुख्य द्वार पर इस दौरान कर्मचारियों ने जमकर सरकार विरोधी नारेबाजी की।
-निजी बस को पकड़ा
इसी बीच करीब दस बजे एक निजी बस रोडवेज बस स्टेंड चौराहे पर पहुंची, इसे कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए घेर लिया व चालक को नीचे उतार दिया व बस के आगे के टायर की हवा निकाल दी। इस दौरान कोटा जाने के लिए खड़ी भीड़ बस में चढ़ कर बैठ गई। जिन्हे कर्मचारियों ने तुरंत उतार दिया। और बस को रोडवेज परिसर में ले जाकर खड़ा कर दिया।
-इनकी रही अगुवाई
इस अवसर पर एटक के अध्यक्ष राजकुमार जैन, कार्यकारी अध्यक्ष अय्यूब खां, सचिव सुरेंद्र गौतम, इंटक के प्रदेश सचिव मोहम्मद शफीक खान, सेवानिवृत एसोसिएशन के छीतरलाल श्रृंगी, बस सारथी यूनियन के जुल्फिकार अली, व कर्मचारी संगठनों के बच्चूलाल, मुरारी सिंह, कालू खां, रफीक भाई, अल्ताफ कुरैशी, मेहमूद अहमद, मोहम्मद सिद्दीक, चतुर्भज वर्मा, मदनलाल, बलवीर बसवाल, बसंती लाल, फय्याज अली सहित कई कर्मचारी नेताओं की अगुवाई में सैकड़ों कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस मौके पर आल राजस्थान को-ऑपरेटिव बैंक एम्पलाईज यूनियन के महेंद्र कुमार जैन प्रांतीय चेयरमेन व जिला सचिव के साथ पहुंचे व हड़ताल का समर्थन किया।
-यह पड़ा असर
सुबह जब यात्री बस स्टेंड पहुंचे तो उन्हे बसों की हड़ताल की जानकारी मिली इस पर उन्होने निजी वाहनों की ओर रुख किया लेकिन बस स्टेंड चौराहे पर निजी वाहनों को खड़ा नही होने दिया गया इससे लोगों को ऑटों कर अस्पताल चौराहा व मामा भानेज चौराहा पहुंचे यहां खड़ी जीपों से लोगों ने मजबूरी में यात्रा की। निजी वाहनों ने भी मौके का फायदा उठाकर क्षमता से अधिक सवारियां लाद कर वाहन दौड़ाए। बस स्टेंड पर अपने परिवार के साथ सामान ढोकर पहुंचे दीपक ने बताया कि उसे अकलेरा जाना था लेकिन अब वापस जाकर निजी वाहन से मजबूरी में यात्रा करनी पडेगी।
-आज भी रहेगा जाम
कर्मचारी संगठन के सचिव सुरेंद्र गौतम ने बताया कि हड़ताल के दबाव से राज्य सरकार ने हालाकि कर्मचारियों के बकाया डीए की दस प्रतिशत राशी वेतन में लगाने की स्वीकृति जारी की है लेकिन अन्य मांगों को लेकर गुरुवार को भी कर्मचारियों का आंदोलन जारी रहेगा व बसों के पहिए थमें रहेगें।





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