जयपुर. विरासती बागों में शुमार जयनिवास उद्यान में हरियाली उजाड़कर पत्थर लगाने का काम कोर्ट की रोक के बावजूद नहीं रुक रहा। कृष्णा सर्किट योजना के तहत पेड़-पौधे उखाड़े कर बाग में तेजी से बड़े-बड़े पत्थर बिछाए जा रहे हैं। निर्माण कार्य के बीच बाग की सूरत बिगड़ रही है। अब तक सैकड़ों वर्ग फीट में पत्थर बिछाए जा चुके हैं। बड़ी मात्रा में और पत्थर मंगाए गए हैं। मुगल शैली में चारबाग पद्धति में निर्मित यह बाग पूरे देश में मशहूर है। कोर्ट की रोक व लोगों के विरोध के बावजूद यहां काम नहीं रोका जा रहा है।
किसने दी अनुमति, पता नहीं
पार्क में निर्माण कार्य की अनुमति किसने दी, इस पर कोई भी बोलने को तैयार नहीं है। कुछ अधिकारियों का कहना है कि केंद्रीय पर्यटन विभाग की टीम ने इस जगह का चयन किया था। आरटीडीसी यहां पर निर्माण कार्य करा रहा है।
अगली सुनवाई 24 को
बार एसोएिशन के पूर्व अध्यक्ष विजय सिंह पूनिया ने पत्थर लगाए जाने के विरोध में स्थायी लोक अदालत में परिवाद दर्ज कराया था। परिवाद में कलक्टर, नगर निगम आयुक्त, महापौर और उपायुक्त, उद्यान पर कार्रवाई की मांग की गई थी। सुनवाई में निगम की ओर से वहां पर आरटीडीसी की ओर से काम कराए जाने व निर्माण रोक देने की जानकारी दी थी। मामले पर महापौर अशोक लाहोटी ने कहा कि उद्यान को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में लेना था, लेकिन यहां पर कृष्णा सर्किट योजना के तहत काम चल रहा है। हमने इसको अपने प्रोजेक्ट से हटा दिया है। वहीं आरटीडीसी के कार्यकारी निदेशक माधव शर्मा ने कहा कि काम कृष्णा सर्किट योजना के तहत हो रहा है। हमारे पास काम बंद करने के आदेश नहीं आए हैं। हमारी जानकारी में काम बंद करने के आदेश स्मार्ट सिटी को मिले हैं। उद्यान में वे क्या काम कर रहे है? इस बात की जानकारी मेरे पास नहीं है।





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