झुंझुनंू . राज्य सैनिक कल्याण सलाहकार समिति के अध्यक्ष (राज्यमंत्री) प्रेम सिंह बाजौर ने कहा कि देश की रक्षा के लिए अपने प्राणोत्सर्जन करना हर किसी के नसीब में नहीं होता। उन्होंने कहा कि शहीदों ने शहादत देकर इतिहास में अपना और प्रदेश का नाम दर्ज किया है। जीवन में जो अच्छे काम करता है, उन्हें सदैव याद किया जाता है।
बाजौर जिले की बुहाना तहसील के महराणा खानपुर गांव में शहीद पितराम की मूर्ति का अनावरण करने के बाद आयोजित समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। शहीदों के प्रति हमेशा मान-सम्मान बना रहे, इसके लिये उनकी शहादत को धर्म के साथ जोडऩा होगा और मूर्ति स्थलों पर बच्चों के जात जडूलों के संस्कार भी करने होंगे। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं से कहा कि गांव से जब भी कोई बारात जाए, तो सबसे पहले दूल्हे को अच्छे शगुन के लिए शहीद की मूर्ति के आगे धोक लगवाई जाए और जब दुल्हन लेकर लौटें, तब भी शहीद की मूर्ति के आगे धोक लगवाएं । उन्होंने माना कि 70 से 8 0 प्रतिशत लोगों को पेंशन की राशि कम मिल रही है, इसके लिए वे रिकार्ड को अपडेट करवा रहे हंै, ताकि पेंशन में बढोतरी हो सके।
समारोह को सम्बोधित करते हुए सांसद संतोष अहलावत ने कहा कि इस मिट्टी में ही वो गुण है, जहां गांव-गांव और घर-घर में देश सेवा का जज्बा रखने वाले सपूत पैदा होते हैं। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा करने वाले सैनिकों और शहीदों के मामलों में सबसे पहली गिनती झुंझुनू जिले की ही होती है।
सांसद ने कहा कि यहां के लाडलों ने कभी भी पीठ पर गोली नहीं खाई और यहां की वीरागंनाएं आज भी अपने लाडलों को सेना में पिता की मौत का बदला लेने के लिए भेजने को तैयार है। उन्होंने बताया कि 22 हजार करोड की लागत से पेयजल योजना का कार्य मंजूर किया गया है, जिससे सीकर, झुंझुनू एवं चूरू जिले को यमुना का पानी मिलेगा।
शहीद की मूर्ति का अनावरण गांव के विद्यालय शहीद पितराम राजकीय उत्कृष्ठ उप्रावि के परिसर में किया गया, स्कूल का नामकरण का उद्घाटन भी गुरुवार को अतिथियों ने किया। शहीद पितराम 196 8 में मात्र 18 वर्ष की उम्र में ही जाट रेजीमेंट में भर्ती हो गए थे और भारत-पाक युद्घ के दौरान 13 दिसम्बर 1971 को वे शहीद हो गए। समारोह के दौरान वीरांगना संतरा देवी, इकलौती बेटी राजेश देवी और उनके दो भाइयों का भी शॉल ओढाकर सम्मान किया गया।
इस दौरान शहीद की इकलौती बेटी राजेश देवी ने राजकीय नौकरी के लिए राज्य मंत्री को ज्ञापन सौंपा। समारोह में सूरजगढ़ प्रधान सुभाष पूनियां, बुहाना प्रधान कविता यादव, महेश खोलिया, चिडावा सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल वीरेन्द्र सिंह, विनोद कुमार झाण्डडिया महीपाल नूनियां, ग्राम सरपंच उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सरोज लोयल ने किया ।
मुकुंदगढ़. गांव पूनियां का बास में गुरूवार को अमर शहीद पालाराम पूनिया की मूर्ति का अनवारण समारोह हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सैनिक कल्याण बोर्ड के चेयरमैन प्रेम सिंह बाजौर थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता उदयपुरवाटी विधायक शुभभकरण चौधरी ने की। नवलगढ़ प्रधान गजाधर ढाका, भाजपा नेता सतीश पूनिया, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य विशंभर पूनिया, देवगांव नूंआ सरपंच सागरमल कालेर, वीरेंद्र डारा, जाट महासभा नवलगढ़ के अध्य्क्ष महावीर प्रसाद भामू, जेजूसर सरपंच दिनेश ऐचरा, महेंद्र सिंह कालेर डूमरा, सतीश भंीचर, पंस सदस्य नेमीचंद खिरोड़ व धर्मवीर सिंह शेखावत बतौर विशिष्ट अतिथि कार्यक्रम में मौजूद थे। मुख्य अतिथि बाजौर ने शहीदों को देवता तुल्य बताते हुए उनकी शहादत से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होने कहा कि झुंझुनूं जिला वीरों की धरा है। सैनिकों की बदौलत ही देश की सीमाएं सुरक्षित है। अतिथियों ने मूर्ति का अनावरण कर शहीद वीरांगना लक्ष्मी देवी, शहीद के भाई दयानंद पूनिया, प्रकाश पूनिया आदि का सम्मान किया। इस मौके पर शहीद की स्मृति में उनके परिवार की ओर से पूनिया का बास स्टैंड पर यात्रियों के बैठने के लिए बनाए गए कमरे व प्याऊ का लोर्कापण भी अतिथियों ने किया। संचालन मूलचंद झाझडिय़ा ने किया।





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