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पानी की निकासी नहीं

 

सीकर. सुबह के साढ़े ग्यारह बजे हैं। अभी तक पचास फीसदी दुकानें ही खुली है। जो खुली हैं उनके दुकानदार भी दुकान में जमा पानी व गंदगी निकालने में व्यस्त हैं। ग्राहकी नहीं के बराबर है। किसी की किराना की दुकान में पानी भर गया तो किसी की किताबें भीगी हुई हैं। रात को भरे पानी से खराब हुए सामान को कोई बाहर निकाल रहा है तो कोई टेबल लाकर सामान को और ऊंचा रख रहा है। पानी तो अब निकल चुका है, लेकिन कीचड़ के कारण दुर्गंध फैली हुई है। यहां दस मिनट भी रुकना मुश्किल हो रहा है। दुकानदारों का कहना है कि रात को थोड़ी सी बरसात होते ही नींद उड़ जाती है। दुकान में रखे सामान के खराब होने की चिंता सताने लग जाती है। दुकानों के ठीक सामने ही थाना है। रात को यहां भी पानी भर गया था। यहां एक कांस्टेबल को पानी में भीगी फाइलों को सुखाने में लगा रखा है।

पत्रिका टीम शुक्रवार सुबह नवलगढ़ रोड क्षेत्र का जायजा लेने गई तो कुछ इसी प्रकार के हालात नजर आए। -----------------
कहां से आता है पानी

यहां अभी नवलगढ़ रोड, चरण सिंह गेट से लेकर शिवसिंहपुरा के कुछ हिस्से का पानी भी यहां आता है। इसके अलावा पूरे पिपराली रोड का पानी पुल के नीचे आता है। इधर राधाकिशनपुरा के कुछ हिस्से का पानी कैलाश नगर होते हुए नवलगढ़ रोड पर आ रहा है। इसके अलावा जहां ज्यादा समस्या है वहां का पानी भी वहां भरता है। ----------------
अब समस्या क्यों

पहले कम क्षेत्र का पानी आता था। अब कैलाश नगर के पानी को भी इधर डायवर्ट कर दिया गया है। हाल ही में यहां गौरव पथ बनाया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है इस गौरव पथ के पास जो नाला बनाया गया है उसकी क्षमता कम है। इसके अलावा बड़ा कारण है कि नाले की ढलान शिवसिंहपुरा की तरफ होनी चाहिए थी, जो पुल की तरफ कर दी गई। पहले से ज्यादा क्षेत्र का पानी अब यहां एकत्रित होने लगा है। अभी जो पानी एकत्रित हो रहा है उसकी निकासी के लिए बड़ी-बड़ी मोटर लगाकर पाइप लाइन के माध्यम से पानी को बाहर भेजा जा रहा है। लेकिन यह व्यवस्था भी अब छोटी पड़ती जा रही है।
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यह है समाधान
-पुल के नीचे गहरा नाला बनाया जाए इसकी ढलान कुडली के जोहड़ तक की जाए।

-पानी खुद बहकर अपने आप बाहर निकलता रहे।
- जो पम्प हैं उनकी क्षमता दो गुनी की जाए।

-गहरे कुएं खोदकर पानी को जमीन के अंदर डाल दिया जाए।
- गहरे नाले के माध्यम से जगमालपुरा या पिपराली बाइपास की तरफ भी पानी निकाला जा सकता है।

(स्थानीय निवासियों व इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों के अनुसार )
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यह बोले क्षेत्रवासी
सांसद, विधायक, नगर परिषद सभापति से लेकर सभी अधिकारियों को समस्या बता चुके, कोई भी सुनवाई नहीं कर रहा। अब जल्द ही इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया तो विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। हर बरसात में पानी भरने से लाखों रुपए का नुकसान हो जाता है।

- लखपत ओला, पूर्व पार्षदमेरे रेस्टोरेंट में पानी भर गया। हजारों रुपए की मिठाई खराब हो गई। पूरी दुकान में दुर्गंध फैली हुई है। गौरव पथ के नाले की ढलान शिवसिंहपुरा की तरफ होनी चाहिए थी, लेकिन उसे पुल की तरफ कर दी। इस कारण परेशानी ज्यादा हो रही है।
-महेश सुण्डा, व्यापारी

सड़क के दोनों तरफ नाले बने हुए हैं, लेकिन बरसात से पहले उनकी एक बार भी सही ढंग से सफाई नहीं की गई। पानी निकासी के लिए लगे पम्पों की क्षमता कम है। इनकी क्षमता बढ़ाई जानी चाहिए।

महेन्द्र काजला, दुकानदार



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