जयपुर. लालटेन घर को ही नहीं, जीवन के रंगों को भी रोशन कर देती है। यह बात शहर के कलाकारों की ओर से आयोजित कार्यक्रम 'रंग मल्हार' में साकार हुई। कलाकारों ने कैनवास की जगह लालटेन को ऑब्जेक्ट बनाया और उस पर अपने मनोभावों को चित्रित किया। प्रदेश में सुखद बारिश की कामना के लिए आयोजित इस आर्ट इवेंट में हर उम्र के कलाकारों ने लालटेन पर प्रकृति से जुड़े चित्रों के साथ बचपन की यादों को रंगों से उकेरा। मनीष शर्मा और उमाशंकर ने 'जगन्नाथ यात्रा' विषय पर लालटेन और कैनवास के साथ एक अनोखी कृति तैयार की। 1928 की रेलवे में यूज होने वाली लालटेन के ग्लास पर भगवान जगन्नाथ को चित्रित करने के बाद कलाकारों ने दो गोल कैनवास के साथ कई ऑब्जेक्ट को प्रयोग करते हुए यात्रा के लिए रथ तैयार किया।
गर्ल एजुकेशन की फ्रीडम
शीतल चितलांगिया ने कैनवास पर खुशहाली को प्रतीक बनाकर गर्ल एजुकेशन का मैसेज देती पेंटिंग बनाई है। इसमें एक लड़की पेंसिल लिए कैनवास पर नजर आ रही है, वहीं लालटेन पर बर्ड बनाते हुए फ्रीडम के मैसेज को दिखाया है। श्वेत गोयल ने लालटेन पर कुछ महिलाओं को प्रदर्शित करते हुए सामाजिक अंधेरे को दूर होते हुए दिखाया है। अब्दुल हसन काजी ने बचपन की यादों को लालटेन पर प्रदर्शित किया है। नाथूलाल वर्मा ने ब्लू पॉटरी के जरिए जयपुर की खूबसूरती को दिखाने का प्रयास किया है। गोविन्द श्रीवास्तव ने जयपुर के हैरिटेज की खूबसूरती को दिखाते हुए अपने मनोभावों को व्यक्त किया। गौरीशंकर सोनी ने पॉजिटिव एनर्जी को दिखाने के लिए एक व्यक्ति के चेहरे को लालटेन के ग्लास पर दिखाया है।
अलग-अलग अंदाज...
नीरजा पालीसेट्टी ने लालटेन को पेपरमेशी और धागों से डेकोर किया। शीला पुरोहित ने पेपरमेशी के जरिए इन्द्र को प्रसन्न करने वाली मुद्राओं को अलग-अलग अंदाज में चित्रित किया। विनय शर्मा ने कई साल पुरानी 4 फीट की लालटेन पर उसी समय के हैंडमेड पेपर्स को यूज करते हुए अपने मनोभावों को पेश किया। आशीष कुमार श्रृंगी ने जैन यंत्र का आधार बनाकर लालटेन की डिजाइन को बनाकर चित्रण किया। पवन टांक ने लालटेन पर शृंगार को दिखाने का प्रयास किया है। खुशनारायण जांगिड़ ने रात को लाइट के पास आने वाले रंग-बिरंगें कीडे़-मकोड़ों को लालटेन पर दिखाया है। विजय कुमावत, विशाल कसेरा, संगीता सिंह, अमित हरित और लाखन सिंह जाट ने अपनी-अपनी स्टाइल में लालटेन को रंगा है।





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