सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को कोलगांव पहुंचा और मृतक रकबर के परिजनों से मुलाकात की और घटना पर अफसोस जताया।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एमके फैजी ने आरोप लगाया कि राजस्थान सरकार मॉब लिंचिंग की घटनाओं को रोकने में पूरी तरह विफल रही है। प्रदेश में गोरक्षकों के नाम पर समाजकंटक अपराध को अंजाम दे रहे हैं। राजनीतिक संरक्षण के चलते ऐसे समाजकंटकों पर कार्रवाई करने में सरकार अक्षम रही है। प्रदेश में साम्प्रदायिक सद्भाव को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। यह सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का खुला उल्लंघन है। वहीं सरकार के अपराधियों के प्रति नरम रुख अपनाने से ऐसी घटनाएं दोहराई जा रही है। उन्होंने कहा कि भीड़तंत्र की ओर से की गई हत्याओं को क्लिन चिट नहीं दी गई होती तो ललावंडी में ऐसी घटना से बचा जा सकता था। उन्होंने चिंता जताई कि ऐसी घटनाओं में अपराधियों का बचाव भाजपा के सांसद व विधायक करने लगे हैं। इससे सरकार से लोगों का विश्वास उठने लगा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्थान के मेवात में ऐसी घटनाओं को अंजाम देना व उसे सोशल मीडिया पर वायरल करना लोगों को आंतकित करने का प्रयास है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट शरफुद्दीन ने भी इन घटनाओं को लोकतांत्रिक व संवैधानिक व्यवस्था को नष्ट करने वाला बताया। उन्होंने पीडि़त परिवार को उचित मुआवजा व दोषियों को कठोर दंड देने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में पार्टी राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद शफी, राष्ट्रीय सचिव यास्मीन फारुकी, सीताराम खोईवाल, राजस्थान इकाई के प्रदेश महासचिव अशफाक हुसैन, प्रदेश सचिव शहाबुद्दीन खां शामिल थे।
सुप्रीम कोर्ट तक लड़ेंगे
फैजी ने कहा कि पीडि़त परिवार को वे नि:शुल्क विधिक सहायता देंगे। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट तक भी लड़ेंगे। इस मामले में वे मॉब लिंचिंग के आधार पर कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। सभी आरोपियों पर कार्रवाई होने तक यह लड़ाई जारी रखेंगे।





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